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रुद्रपुर में NCERT की नकली किताबों पर बड़ा खुलासा, 11 करोड़ है 11.30 लाख किताबों की कीमत, होगी फॉरेंसिक जांच

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रुद्रपुर। उत्तराखंड के उधम सिंह नगर जिला मुख्यालय रुद्रपुर के एक गोदाम से एनसीईआरटी (National Council of Educational Research and Training) की करीब 11 लाख 30 हजार नकली किताबें बरामद की गई हैं। इनकी कीमत लगभग 11 करोड़ रुपये आंकी गई है। सूचना मिलने के बाद दिल्ली से एनसीईआरटी की टीम मौके पर पहुंची और जांच के दौरान इन किताबों को पहली नजर में नकली बताया है। फिलहाल पुलिस, प्रशासन और शिक्षा विभाग पूरे मामले की गहराई से जांच कर रहे हैं।

रुद्रपुर में एनसीईआरटी (NCERT) की फर्जी किताबों का एक बड़ा जखीरा बरामद होने से शिक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। इतनी बड़ी संख्या में नकली किताबों का मिलना यह दर्शाता है कि कहीं न कहीं शिक्षा के क्षेत्र में बड़ी लापरवाही या संगठित नेटवर्क काम कर रहा था। यह मामला सीधे तौर पर बच्चों की पढ़ाई और उनके भविष्य से जुड़ा हुआ है।
मामले की जानकारी मिलते ही दिल्ली से एनसीईआरटी की एक विशेष टीम रुद्रपुर पहुंची। बताया जा रहा है कि 14 तारीख की शाम को किरतपुर क्षेत्र में स्थित एक गोदाम में भारी मात्रा में किताबें होने की सूचना मिली थी। इसके बाद प्रशासन ने 15 तारीख की सुबह गोदाम का ताला तोड़कर जांच शुरू की। पुलिस और प्रशासन की टीम ने मौके पर मौजूद किताबों की गिनती कराई, जिसमें लगभग 11 लाख 30 हजार किताबें बरामद हुईं। इन किताबों की अनुमानित कीमत करीब 11 करोड़ रुपये बताई जा रही है। ऐसी आशंका है कि कोई संगठित गिरोह एनसीईआरटी की नकली किताबें बाजार और स्कूलों में सप्लाई कर रहा था।

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मौके पर पहुंचे एनसीईआरटी के अधिकारी दीपक कौशिक ने बताया है कि पहली नजर में यह सभी किताबें नकली प्रतीत हो रही हैं। असली एनसीईआरटी किताबों की प्रिंटिंग तय गुणवत्ता मानकों के आधार पर केवल आईएसओ प्रमाणित प्रिंटिंग प्रेस में कराई जाती है। बरामद किताबों में इस्तेमाल की गयी इंक और प्रिंटिंग क्वालिटी स्थानीय स्तर की लग रही है। कुछ लोग मुनाफाखोरी के लालच में नकली किताबें छापकर बाजार में सप्लाई करने की कोशिश करते हैं।

फॉरेंसिंग जांच के लिए भेजी गई एनसीईआरटी की नकली किताबें…

एनसीईआरटी (नेशनल काउंसिल ऑफ एजुकेशनल रिसर्च एंड ट्रेनिंग) टीम ने बरामद किताबों के नमूने लेकर उन्हें फॉरेंसिक जांच के लिए भेज दिया है। साथ ही कुछ सैंपल दिल्ली स्थित एनसीईआरटी मुख्यालय भी जांच के लिए भेजे जाएंगे। अधिकारियों का कहना है कि शिक्षा विभाग और केंद्र सरकार इस मामले में किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं करेगी और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।

रुद्रपुर कोतवाली के प्रभारी निरीक्षक मनोज रतूड़ी ने बताया है कि मुखबिर की सूचना पर यह कार्रवाई की गई थी। सूचना मिलते ही पुलिस ने तुरंत अपने उच्च अधिकारियों को अवगत कराया और गोदाम की निगरानी शुरू कर दी। यह क्षेत्र उपनिरीक्षक चंदन सिंह बिष्ट के अंतर्गत आता है, जिन्हें सूचना मिली थी कि गोदाम में भारी मात्रा में किताबें रखी गई हैं। कुछ किताबें सैंपल के आधार पर बाहर भेजने की तैयारी भी की जा रही है।

पुलिस ने मौके से एक ट्रक में लोड किताबों को भी बरामद किया है और उसकी भी गिनती की जा रही है। फिलहाल पुलिस गोदाम मालिक से पूछताछ कर रही है और जिन लोगों ने गोदाम किराए पर लिया था, उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की तैयारी की जा रही है।

इस पूरे मामले ने यह सवाल खड़ा कर दिया है कि आखिर इतनी बड़ी मात्रा में नकली किताबें कहां से छपकर आ रही थीं। क्या इसमें किसी की मिलीभगत भी शामिल है। शिक्षा जैसे संवेदनशील क्षेत्र में इस तरह की गतिविधियां बच्चों के भविष्य के साथ खिलवाड़ के समान है। ऐसे में प्रशासन और शिक्षा विभाग के सामने अब सबसे बड़ी चुनौती यह है कि इस तरह के फर्जीवाड़े पर पूरी तरह से रोक कैसे लगाई जाए।

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