चंपावतजनपद चम्पावतनवीनतम

चम्पावत : सचिव धीराज गर्ब्याल ने किया चाय पर्यटन सर्किट विकास कार्यों का निरीक्षण

Ad
ख़बर शेयर करें -

स्वदेश दर्शन 2.0 योजना के अंतर्गत चम्पावत में विकसित 19.89 करोड़ से विकसित किया जा रहा है चाय पर्यटन सर्किट

चम्पावत। पर्यटन एवं ग्राम्य विकास सचिव धीराज सिंह गर्ब्याल ने शनिवार को चम्पावत में स्थित चाय बागान का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने स्वदेश दर्शन 2.0 योजना के अंतर्गत चम्पावत में विकसित किए जा रहे चाय पर्यटन सर्किट की प्रगति का जायजा लिया तथा क्षेत्र में पर्यटन विकास की संभावनाओं पर विस्तृत चर्चा की।

Ad

निरीक्षण के दौरान सचिव धीराज गर्ब्याल ने चाय बागान क्षेत्र में निर्माणाधीन एवं प्रस्तावित पर्यटन अवसंरचना कार्यों के साथ-साथ कॉटेज का भी निरीक्षण किया। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि सभी कार्यों को उच्च गुणवत्ता मानकों के अनुरूप एवं निर्धारित समयसीमा के भीतर पूर्ण किया जाए, ताकि क्षेत्र में सतत एवं पर्यावरण-अनुकूल पर्यटन को बढ़ावा मिल सके।

बताया गया कि स्वदेश दर्शन 2.0 योजना के अंतर्गत चम्पावत क्षेत्र में चाय पर्यटन सर्किट का विकास किया जा रहा है, जिसका उद्देश्य चाय बागानों को पर्यटन से जोड़ते हुए स्थानीय अर्थव्यवस्था को सुदृढ़ करना है। इस परियोजना के अंतर्गत प्रवेश द्वार (एंट्री प्लाजा), चाय अनुभव केंद्र, जंगल ट्रेल्स, कोबल स्ट्रीट, ईको स्टेज, सूचना प्रौद्योगिकी आधारित सुविधाएं तथा चाय संग्रहालय/व्याख्या केंद्र का विकास किया जा रहा है। इन सभी कार्यों पर कुल अनुमानित लागत ₹1,989.12 लाख (लगभग ₹19.89 करोड़) है।

निरीक्षण के दौरान सचिव ने क्षेत्र में एडवेंचर टूरिज्म को बढ़ावा देने पर भी चर्चा की और कहा कि प्राकृतिक संसाधनों का संरक्षण करते हुए साहसिक पर्यटन गतिविधियों को विकसित किया जाए, जिससे पर्यटकों की संख्या में वृद्धि के साथ-साथ स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर सृजित हो सकें। उन्होंने कहा कि यह परियोजना चम्पावत जैसे विशिष्ट क्षेत्र में चाय बागानों को पर्यटन का प्रमुख केंद्र बनाकर स्थानीय अर्थव्यवस्था को मजबूती प्रदान करेगी तथा पर्यटकों को प्राकृतिक सौंदर्य, सांस्कृतिक विरासत और इको-फ्रेंडली पर्यटन अनुभव उपलब्ध कराएगी। इस दौरान मुख्य विकास अधिकारी डॉ जीएस खाती, जिला पर्यटन विकास अधिकारी लता बिष्ट, ईई भुवन नैनवाल, केएमवीएन के अधिकारी व कार्मिक उपस्थित रहे।