चम्पावत : विशेष सत्र न्यायालय ने पॉक्सो एक्ट के आरोपी को सुनाई 20 साल की सजा
60 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया, जुर्माने की राशि नहीं चुकाने पर 6 माह का अतिरिक्त कारावास
चम्पावत। विशेष सत्र न्यायालय ने किशोरी के साथ शारीरिक संबंध बनाने के आरोपी को दोषी करार देते हुए 20 वर्ष के कठोर कारावास की सजा सुनाई है। साथ ही 60 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया गया है। जुर्माने की राशि नहीं चुकाने पर 6 माह का अतिरिक्त कारावास भोगना होगा।
23 मार्च 2024 को टनकपुर क्षेत्र निवासी एक व्यक्ति ने कोतवाली पुलिस को तहरीर देकर आरोप लगाया था कि 22 मार्च को उसकी 15 वर्षीय बेटी रोडवेज से एफडी लेने गई और उसके बाद वह वापस नहीं आई। परिजनों ने तब थाने में गुमशुदगी दर्ज कराई थी। पुलिस ने तहरीर के आधार पर गुमशुदगी दर्ज कर मामले की विवेचना की। विवेचना के दौरान जागृति विहार मेरठ (यूपी) निवासी गौरव कश्यप का नाम सामने आया। पुलिस ने किशोरी को खोजकर गौरव को मेरठ से गिरफ्तार किया। इसके बाद पीड़िता के बयान दर्ज कराए गए। पुलिस ने आरोपी के खिलाफ पॉक्सो सहित विभिन्न धाराओं में मुकदमा दर्ज किया था। आरोप पत्र न्यायालय में दाखिल होने के बाद से मामला न्यायालय में चल रहा था।
विशेष सत्र न्यायाधीश (पॉक्सो) जिला जज अनुज कुमार संगल की अदालत ने दोनों पक्षों के गवाहों को सुनने और विभिन्न साक्ष्यों का अवलोकन करने के बाद अभियुक्त को दोषी पाया। दोषी को 20 वर्ष के कठोर कारावास की सजा के अलावा 60 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया गया है। जुर्माने की राशि नहीं चुकाने पर 6 माह का अतिरिक्त कारावास भोगना होगा।

