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देहरादून : पहली पत्नी की हत्या कर चार दिनों तक शव घर में रखा, फिर जंगल में लगाया ठिकाने

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देहरादून पुलिस ने आखिरकार ब्लाइंड मर्डर केस का खुलासा कर दिया, महिला का हत्यारोपी कोई और नहीं, बल्कि पति ही निकला

देहरादून। प्रेमनगर थाना क्षेत्र के मांडूवाला में बीते दिनों जंगलों में एक महिला की लाश मिली थी। इस मामले का आज पुलिस ने खुलासा कर दिया है। पुलिस के मुताबिक हत्यारोपी कोई और नहीं, बल्कि महिला का पति ही निकाला है। आरोपी पति को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी ने दो शादी कर रखी हैं। मृतक आरोपी को पहली पत्नी थी, जिसका नाम रूपा था।

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पुलिस ने बताया कि रूपा चार साल पहले आरोपी पति को छोड़कर भाग गई थी और दूसरी शादी कर ली थी। इस बीच आरोपी पति ने दूसरी शादी कर ली थी, लेकिन एक साल पहले रूपा अपने दूसरे पति को छोड़कर पहले पति के वापस आ गई थी और तब से साथ ही रह रहा थी। बताया कि 11 मार्च को मांडूवाला के जंगलों में एक महिला लाश कट्टे में मिली थी। प्राथमिक दौर पर पुलिस को शव चार से पांच दिन पूरा लगा था। हालांकि तक महिला की शिनाख्त भी नहीं हो पाई थी। क्योंकि महिला का शव काफी खराब हो चुका था। इसीलिए पुलिस ने सबसे पहले महिला की शिनाख्त करने का प्रयास किया।

इस मामले में उपनिरीक्षक अमित शर्मा चौकी प्रभारी झाझरा की तहरीर के आधार पर प्रेमनगर थाने में अज्ञात के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया। वहीं मामले के खुलासे के लिए पुलिस की आठ अलग-अलग टीमों को लगाया गया। गठित टीमों ने घटना स्थल और उसके आस-पास के जंगलों में कॉम्बिंग करते हुए इलाके में लगे करीब 2500 सीसीटीवी कैमरों की फुटेज भी खंगालीं। मृतक महिला के पहनावे से लग रहा था कि वो किसी मलिन बस्ती की रहने वाली है। इसके बाद पुलिस ने आसपास के इलाके में मौजूद 30 से अधिक मलिन और झुग्गी बस्तियों में सत्यापन अभियान चलाया। करीब पांच बाहरी और स्थानीय व्यक्तियों का सत्यापन किया गया।

इसके अलावा पुलिस ने इधर-उधर भी काफी हाथ पैर मारे। इसी बीच पुलिस को सूचना मिली कि कॉसवाली कोठरी में नव निर्मित मकान में काम करने वाला बिहार का एक मजदूर अपनी बीवी और छोटे बच्चे के साथ वहीं पर रहता है, लेकिन होली के बाद से उसके साथ रहने वाली महिला दिखाई नहीं दे रही है। उसका बच्चा भी किसी अन्य महिला मजदूर के साथ दिखाई दे रहा है।

इतना सुराग मिलने के बाद पुलिस ने मकान के ठेकेदार शिवजी से संपर्क किया, जो भाऊवाला में रहता है। ठेकेदार से पूछताछ की गई तो उनसे बताया कि उसके पास काम करने वाले मजदूर रंजीत शर्मा की दो पत्नियां हैं। पहली पत्नी रूपा अपनी बच्ची के साथ फरवरी में उसके पास आई थी और निर्माणाधीन साइड पर ही उसके साथ रह रही थी। ठेकेदार ने पुलिस को बताया कि बीती 8 मार्च को रंजीत शर्मा ने अपनी पत्नी और बच्ची को वापस बिहार भेजने की बात कहकर उससे बाइक और 1500 रुपए मांगे थे। 9 मार्च को उसने बाइक ठेकेदार को वापस कर दी थी और कहा था कि उसकी पत्नी रूपा बिहार वापस चली गई है। वहीं दूसरी पत्नी सुशीला बिहार से उसके पास आ गई है। उसके बाद रंजीत अपनी दूसरी पत्नी और पहली पत्नी की बच्ची के साथ कुछ दिन साइट पर ही रहा और वर्तमान में भाटोवाला में रह रहा है।

इसके बाद पुलिस भाटोवाला पहुंची. पुलिस को देखकर रंजीत शर्मा ने भागने का प्रयास किया, लेकिन पुलिस ने उसे वहीं पर दबोच लिया। इसके बाद पुलिस ने आरोपी से पूछताछ की तो उसने सारा सच उगल दिया और मृत महिला को अपनी पत्नी रूपा बताया। साथ ही बताता कि उसी ने रूपा का गला घोंटकर हत्या की थी और उसका शव जंगल में फेंक दिया था।

पुलिस पूछताछ में आरोपी ने बताया कि साल 2009 में उसने रूपा से शादी की थी। चार साल पहले उसकी पत्नी रूपा किसी अन्य व्यक्ति के साथ भाग गई थी और उससे शादी भी कर ली थी। इसके बाद आरोपी ने भी अपने पास के गांव की महिला से दूसरी शादी कर ली थी। आरोपी की दूसरी पत्नी भी पूर्व में शादी शुदा थी। पुलिस ने बताया कि आरोपी शर्मा बीते 12 साल से देहरादून में ही रहता और मजदूरी करता है। पिछले एक साल से दूसरी पत्नी सुशीला गांव में ही रह रही थी। वहीं, एक साल पहले उसकी पहली पत्नी रूपा अपने दूसरे पति को छोड़कर वापस गांव आ गई और आरोपी के सम्पर्क में आकर उससे बातें करने लगी।

पुलिस के अनुसार 23 फरवरी रूपा अपनी 11 महीने की बेटी के साथ आरोपी के पास देहरादून आ गई और वहीं पर निर्माणाधीन साइट पर ही रहने लगी। पुलिस का कहना है कि रूपा अपने पति रंजीत शर्मा पर दूसरी पत्नी को छोड़ने का दबाव बना रही था, जिस कारण उनके बीच अक्सर विवाद होता रहता था।

पुलिस का कहना है कि पांच मार्च की रात को भी रंजीत शर्मा अपनी दूसरी पत्नी से बात कर रहा था, तभी रूपा ने उसका फोन छीन लिया। रूपा अपने पति पर दूसरी पत्नी से बात नहीं करने का दबाव बना रही थी। इसी झगड़े में रंजीत शर्मा ने गुस्से में आकर रूपा का गला घोंटकर हत्या कर दी। हत्या के बाद शव को सफेद कट्टे में डालकर मकान के अलग कमरे रख दिया और उसे छिपाने की नीयत से उस पर रजाई डाल दी। पहली पत्नी की हत्या करने के बाद आरोपी ने दूसरी पत्नी को कॉल किया और उसे देहरादून आने के लिए कहा। 11 महीने की बच्ची साथ होने के कारण आरोपी को शव ठिकाने लगाने का मौका नहीं मिला। इसीलिए आरोपी ने चार दिनों तक शव को अलग कमरे में रजाई से छिपाकर रखा।

पुलिस के अनुसार आठ मार्च को दूसरी पत्नी के देहरादून आने पर आरोपी ने बच्ची उसके हवाले की और ठेकेदार की बाइक लेकर शव को जंगल में ठिकाने लगाया। एसएसपी प्रमेंद्र डोबाल ने बताया कि आरोपी को विश्वास था कि रूपा के बारे में कोई ज्यादा नहीं जानता है, इसीलिए उनकी शिनाख्त होना मुश्किल है। इसीलिए आरोपी आराम से अपना काम कर रहा है, लेकिन पुलिस ने आरोपी को आखिरकार गिरफ्तार कर ही लिया।

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