उत्तराखण्डउधमसिंह नगरक्राइमनवीनतम

काशीपुर सुखवंत आत्महत्या केस: SIT ने SSP समेत कई पुलिस अफसरों को भेजा नोटिस, होगी पूछताछ

Ad
ख़बर शेयर करें -

देहरादून। काशीपुर के किसान सुखवंत सिंह आत्महत्या मामले में SIT (स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम) ने उधम सिंह नगर एसएसपी समेत तीन उप निरीक्षक और एक अपर उपनिरीक्षक को पूछताछ और बयान दर्ज कराने के लिए नोटिस जारी किए गए हैं। SIT ने सोशल मीडिया पर प्रसारित वीडियो व परिजनों के बयानों के आधार पुलिस अधिकारियों को ये नोटिस जारी किए हैं।

इसके अलावा एसआईटी ने सुखवंत सिंह के साथ भूमि धोखाधड़ी के आरोपों के संबंध में रजिस्ट्रार व तहसील कार्यालय के अलावा संबंधित बैंकिंग ट्रांजेक्शन रिकॉर्ड प्राप्त करने के लिए विभिन्न बैंकों को भी नोटिस जारी किए गए हैं। इन संस्थानों से मिलने वाले रिकॉर्ड के आधार पर लेन-देन व दस्तावेजों की सत्यता की जांच की जाएगी। SIT के सदस्य पुलिस अधीक्षक चम्पावत अजय गणपति ने बताया है कि घटनाक्रम से संबंधित अभिलेखों को कब्जे में लेकर उनका सूक्ष्म परीक्षण किया जा रहा है। SIT की विशेषज्ञ टीम द्वारा टेक्निकल सर्विलांस के माध्यम से कॉल डिटेल, CCTV, डिजिटल साक्ष्य एवं अन्य तकनीकी इनपुट्स का विश्लेषण निरन्तर जारी है।

Ad

मालूम हो कि शनिवार 10 जनवरी को काशीपुर के किसान सुखवंत सिंह अपनी पत्नी और बच्चों के साथ नैनीताल जिले के काठगोदाम क्षेत्र में घूमने गए थे। उसी रात एक होटल में किसान सुखवंत सिंह ने आत्महत्या कर ली थी। आत्महत्या से पहले सुखवंत सिंह ने एक वीडियो बनाया था। उसमें सुखवंत सिंह ने आत्महत्या का कारण बताया था।

वीडियो में बताया गया था कि उसके साथ जमीन खरीदने को लेकर करीब चार करोड़ रुपए की धोखाधड़ी हुई है। जिसकी शिकायत उसने काशीपुर के आईटीआई थाने में की थी, लेकिन पुलिस ने उल्टा उसे ही डराया धमकाया और आरोपियों का साथ दिया। आखिर में परेशान होकर सुखवंत सिंह ने आत्महत्या कर ली। सुखवंत सिंह ने वीडियो में कई पुलिस अधिकारियों व कर्मचारियों का नाम भी लिया था और उन पर भी गंभीर आरोप लगाया था।

सुखवंत सिंह की आत्महत्या के बाद आईटीआई थाने के प्रभारी के अलावा एक उपनिरीक्षण को निलंबित किया गया था। वहीं आईआईटी थाने के अंतर्गत आने वाले पैगा पुलिस चौकी के प्रभारी समेत वहां के 10 पुलिसकर्मियों को लाइन हाजिर किया गया था। बाद में सभी का ट्रांसफर कुमाऊं रीजन से गढ़वाल में कर दिया गया था।
इसके अलावा सरकार ने इस मामले की मजिस्ट्रेट जांच के भी आदेश दिए थे। जांच की जिम्मेदारी कुमाऊं कमिश्नर दीपक रावत को दी गई है। वहीं पुलिस मुख्यालय की तरफ से भी आईजी एसटीएफ आनंद नीलेश भरणे का अध्यक्षता में SIT (स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम) का गठन किया था। तभी से SIT इस मामले की जांच कर रही है।

गौर हो कि, सुखवंत सिंह के भाई की तहरीर पर पुलिस ने आईटीआई थाने में 26 लोगों के खिलाफ नामजद मुकदमा भी दर्ज किया था। जिसके बाद सभी नामजद आरोपियों ने अपनी गिरफ्तारी पर रोक लगाने के लिए हाईकोर्ट में याचिका दायर की थी। हाईकोर्ट ने सभी की गिरफ्तारी पर रोक लगा दी थी। वहीं एसआईटी ने आईटीआई थाने ने दर्ज किए मामले को भी नैनीताल जिले के काठगोदाम थाने में ट्रांसफर कर दिया है।