भारत में नेपाल के राजदूत डाॅ. शंकर प्रसाद शर्मा ने ‘मैत्री नहर’ का लिया जायजा
टनकपुर/चम्पावत। भारत में नेपाल के राजदूत डॉ. शंकर प्रसाद शर्मा ने नेपाल सीमा पर शारदा बैराज के पास नेपाल के लिए निर्मित भारत-नेपाल मैत्री नहर का निरीक्षण किया। राजदूत डॉ. शर्मा जायजा लेने के बाद नेपाल की ओर लौट गए। उनके साथ कंचनपुर जिले का स्टाफ मौजूद रहा।

बीते दिनों शारदा बैराज के पास नेपाल के सिंचाई मंत्री कुलमान घिसिंग ने भी नेपाल मैत्री नहर का जायजा लिया था। भारत-नेपाल के बीच महाकाली संधि के तहत 1.20 किमी लंबी नेपाल मैत्री नहर बनाई गई है। नहर का उद्देश्य नेपाल में कृषि को बढ़ावा और भारत-नेपाल के रिश्ते मजबूत करना है। शुक्रवार की सुबह नेपाल के राजदूत डाॅ. शर्मा मैत्री नहर का जायजा लेने सीमा पर शारदा बैराज के पास पहुंचे और कुछ देर निरीक्षण के बाद लौट गए। निरीक्षण के दौरान उनके साथ नेपाल के जिला कंचनपुर सीडीओ लक्ष्मण ढकाल, जिला कंचनपुर के एसपी खड़क बहादुर खत्री, एपीएफ के एसपी लोकेंद्र देव आदि शामिल रहे।
नेपाली राजदूत शर्मा ने टनकपुर पावर स्टेशन देखा
बनबसा/चम्पावत। दिल्ली स्थित नेपाल के राजदूत डाॅ. शंकर प्रसाद शर्मा ने शुक्रवार को बनबसा एनएचपीसी के टनकपुर पावर स्टेशन को देखा। उसके बाद उन्होंने भारत नेपाल सीमा पर बन रहे सूखा बंदरगाह का भी निरीक्षण किया। इस मौके पर उन्होंने एनएचपीसी के अधिकारियों से टनकपुर बैराज से नेपाल को सिंचाई के लिए दिए जाने वाले पानी के संबंध में भी चर्चा की।
दिल्ली से पिथौरागढ़ भ्रमण पर गए भारत में नेपाल के राजदूत डाॅ. शंकर प्रसाद शर्मा लौटते समय एनएचपीसी के टनकपुर पावर स्टेशन के अतिथि गृह में रुके। उनका एनएचपीसी अधिकारियों ने स्वागत किया। उसके बाद उन्होंने नेपाली सीमा गड्ढा चौकी पहुंच ब्रह्मदेव तक का स्थलीय निरीक्षण भी किया। उन्होंने नेपाल के दोधारा चांदनी क्षेत्र में निर्माणाधीन सूखा बंदरगाह (ड्रायपोर्ट) का भी निरीक्षण किया। टनकपुर पावर स्टेशन के महाप्रबंधक ऋषि रंजन आर्य ने बताया कि वह एनएचपीसी के बनबसा पावर हाउस देख प्रभावित हुए।

