पूर्णागिरि मेले का टनकपुर में हो ठहराव, सीएम से की आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने की मांग
टनकपुर/चम्पावत। क्षेत्र के सामाजिक कार्यकर्ता दीप चंद्र पाठक ने मुख्यमंत्री को ज्ञापन भेज कर पूर्णागिरि के मेले का टनकपुर में ठहराव किए जाने की मांग की है। कहा है कि ऐसा करना स्थानीय व्यापारियों के हितों के संरक्षण के लिए आवश्यक है। ज्ञापन में क्षेत्र की अन्य समस्याओं को भी उठाया गया है।
सीएम को भेजे गए ज्ञापन में कहा गया है कि टनकपुर में प्रतिवर्ष आयोजित होने वाला माँ पूर्णागिरी का पावन मेला क्षेत्र की आस्था के साथ-साथ स्थानीय व्यापार और आजीविका का प्रमुख आधार रहा है। किंतु गत वर्षों से मेले की रौनक टनकपुर शहर से लगातार समाप्त होती जा रही है, जिससे हजारों छोटे-बड़े व्यापारियों की आजीविका प्रभावित हो रही है। वर्तमान में मेले को चूका रोड/ठुलीगाड़ क्षेत्र में रोका जाता है तथा रात्रि 8 बजे से प्रातः 5 बजे तक वहीं रोकने की व्यवस्था लागू है, जबकि वहाँ मूलभूत सुविधाओं का अभाव है। इस कारण न केवल श्रद्धालुओं को असुविधा हो रही है, बल्कि टनकपुर के व्यापार पर भी प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा है।
साथ ही ज्ञापन में यह भी कहा गया है कि टनकपुर में निर्मित दोनों पार्किंग स्थल पिछले कई वर्षों से व्यवस्थाओं के अभाव में बंद पड़े हैं, जिससे यातायात एवं भीड़ प्रबंधन प्रभावित हो रहा है। NHPC शारदा बैराज की दुकानें, जो स्थानीय लोगों के रोजगार का साधन थीं, स्थानीय शासन-प्रशासन की उदासीनता के चलते GM NHPC द्वारा बंद करवा दी गई हैं, जबकि उचित पहल से इन्हें पुनः संचालित किया जा सकता है। रैन बसेरों, शौचालय एवं अन्य मूलभूत सुविधाओं का अभाव। सड़क कटिंग के कारण बढ़ती दुर्घटनाएं एवं सुरक्षा व्यवस्था की कमी।
ज्ञापन में सीएम से मांग की है कि टनकपुर में ही मेले के व्यवस्थित ठहराव हेतु आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित की जाएं। रैन बसेरे, शौचालय एवं अन्य मूलभूत सुविधाओं का तत्काल निर्माण कराया जाए। बंद पड़ी पार्किंग स्थलों को शीघ्र संचालित कराया जाए। NHPC शारदा बैराज की दुकानों को पुनः खुलवाकर स्थानीय लोगों को रोजगार उपलब्ध कराया जाए। श्रद्धालुओं की सुरक्षा एवं यातायात व्यवस्था को सुदृढ़ किया जाए। कहा गया है कि टनकपुर की रौनक, स्थानीय व्यापार एवं हजारों परिवारों की आजीविका इस विषय से जुड़ी हुई है। अतः आपसे निवेदन है कि जनभावनाओं को ध्यान में रखते हुए शीघ्र उचित कार्यवाही करने का कष्ट करें।

