प्रारंभिक शिक्षा निदेशक मारपीट केस, उमेश काऊ का बयान आया सामने, बीजेपी पर हमलावर कांग्रेस
प्रारंभिक शिक्षा निदेशक मारपीट मामले ने तूल पकड़ लिया है। अब इस मामले में उमेश शर्मा काऊ ने भी गंभीर आरोप लगाये हैं
देहरादून। राज्य शिक्षा निदेशालय में शनिवार को प्रारंभिक शिक्षा के निदेशक के साथ हुई कथित मारपीट के मामले में एक ओर जहां विधायक और उनके समर्थकों के खिलाफ पुलिस को तहरीर दी जा चुकी है, वहीं दूसरी ओर विधायक ने पूरे घटनाक्रम के लिए निदेशक और प्रदर्शन कर रहे शिक्षक संगठनों को ही जिम्मेदार ठहरा दिया है।
प्रकरण में विधायक उमेश शर्मा काऊ ने खुद को पूरी तरह निर्दोष बताते हुए उल्टा निदेशक पर ही बदतमीजी और उकसावे का आरोप लगाया है। विधायक का कहना है कि उनके साथ कोई गलत व्यवहार नहीं किया गया, बल्कि निदेशक ने ही अभद्रता की और सभी को भड़काया। उनका यह भी आरोप है कि कार्यालय में जो भीड़ मौजूद थी और जो तोड़फोड़ व मारपीट के लिए आमादा थी, उसे निदेशक ने ही बुलाया था।
उन्होंने इस मामले में धरना-प्रदर्शन कर रहे शिक्षक संगठनों पर भी राजनीतिक साजिश का आरोप लगाया। विधायक ने कहा कि प्रदर्शन करने वाले शिक्षक वास्तव में कांग्रेसी हैं। यह पूरा घटनाक्रम कांग्रेस की साजिश का हिस्सा है। उन्होंने शिक्षक संगठनों के अस्तित्व पर ही सवाल खड़े करते हुए कहा कि अभी शिक्षक संगठन के कोई आधिकारिक चुनाव ही नहीं हुए हैं।
वहीं इस मामले में कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष गणेश गोदियाल ने कहा है कि इस समय प्रदेश में चारों तरफ अराजकता का माहौल है। जिससे भाजपा के भीतर ही गुत्थम गुत्था जैसे हालात पैदा हो गए हैं। जिन अधिकारी के साथ मारपीट की गई है, वो उच्च शिक्षा मंत्री धन सिंह रावत के करीबी माने जाते हैं। इन्हीं नजदीकियों के कारण यह अधिकारी इस पद पर तैनात थे। इन्हीं अधिकारी के साथ आज विधायक की तीखी नोंक झोंक हुई है। अब सत्ता में बैठे लोगों के बीच में आपसी मतभेद उभर कर सामने आ रहे हैं।

