अल्मोड़ाउत्तर प्रदेशउत्तराखण्डनवीनतमहादसा

दिल्ली से अल्मोड़ा आ रहे परिवार की कार पेड़ से टकराई, दादा और पोते की हुई मौत, चार गंभीर रूप से घायल

ख़बर शेयर करें -

झपकी के कारण कार अनियंत्रित हुई, अल्मोड़ा के रावत परिवार पर टूटा दुखों का पहाड़

उत्तर प्रदेश के अमरोहा में हुए सड़क हादसे में एक बुजुर्ग व उनके पोते की मौत हो गई। परिवार के चार सदस्य गंभीर रूप से घायल हुए हैं। बताया जा रहा है कि परिवार दिल्ली से अल्मोड़ा आ रहा था। हादसा देर रात अमरोहा-कांठ रोड पर गांव कोठी खिदमतपुर के पास घटित हुआ है।

दिल्ली से अपने पैतृक गांव अल्मोड़ा जा रहे परिवार की कार अनियंत्रित होकर सड़क किनारे पेड़ से टकरा गई। इस हादसे में दिल्ली निवासी दादा प्रेम सिंह रावत (60) और उनके पोते चित्रहार्त (6) की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि परिवार के चार अन्य सदस्य गंभीर रूप से घायल हो गए। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार मूल रूप से उत्तराखंड के अल्मोड़ा जिले के थाना सल्ट क्षेत्र के गांव खटल निवासी प्रेम सिंह रावत वर्तमान में दिल्ली की एक कंपनी में नौकरी करते हैं और अपने परिवार के साथ दिल्ली के रोहिणी में रहते हैं। उन्होंने अपने पिता प्रेम सिंह रावत और मां मधु को भी दिल्ली में अपने साथ ही रखा है।

बृहस्पतिवार रात को वह अपने पैतृक गांव जा रहे थे। कार खुद ललित ही चला रहे थे। बताया जा रहा है कि जैसे ही उनकी कार देर रात 3 बजे के आसपास अमरोहा देहात थाना क्षेत्र के अमरोहा-कांठ रोड पर गांव कोठी खिदमतपुर के पास पहुंची तो तभी ललित को झपकी आ गई। इसके चलते कार नियंत्रण खो बैठी और सड़क किनारे पेड़ से टकरा गई। कार में उनके साथ उनकी पत्नी सुनीता, मां मधु देवी, पिता प्रेम और 2 बच्चे 6 वर्षीय चित्रहार्त और 3 वर्षीय तन्य सवार थे। इस हादसे में प्रेम सिंह और उनके पौते चित्रहार्त की मौके पर ही मौत हो गई जबकि ललित समेत परिवार के 4 लोग गंभीर रूप से घायल हो गए।

हादसे की सूचना मिलते ही मौके पर पहुंची पुलिस टीम ने सभी को तुरंत जिला अस्पताल में भर्ती कराया। जहां चिकित्सकों ने प्रेम सिंह और चितहार्त को मृत घोषित कर दिया। चिकित्सकों के अनुसार, सबसे नाजुक हालत ललित सिंह की है, जिन्हें वेंटिलेटर पर रखा गया है। अन्य घायल प्राथमिक उपचार के बाद सुरक्षित हैं। सूचना मिलते ही इंस्पेक्टर शौकेंद्र बालियान और मुनव्वपुर चौकी प्रभारी अभिनव मलिक फोर्स के साथ मौके पर पहुंचे। पुलिस ने घटना की जानकारी दर्ज की और शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेजा। शुक्रवार को पोस्टमार्टम के बाद गांव से आए उनके परिजन मृतकों के शवों और सभी घायलों को अपने पैतृक गांव सल्ट ले गए। इस घटना से जहां पूरे परिवार में कोहराम मचा हुआ है वहीं उनके गांव में भी शोक की लहर दौड़ गई है।