बनबसा में अग्निवीर भर्ती रैली तकनीक, पारदर्शिता और राष्ट्रभक्ति का अनूठा संगम: मेजर जनरल मनीष कुमार
बनबसा/चम्पावत। टनकपुर-बनबसा स्थित सैन्य परिसर में आयोजित अग्निवीर भर्ती रैली ने देवभूमि के युवाओं के अदम्य साहस और देश सेवा के प्रति उनके समर्पण को एक नया आयाम दिया है। भर्ती रैली के दौरान मीडिया से मुखातिब होते हुए मुख्यालय रिक्रूटिंग ज़ोन लखनऊ (उत्तर प्रदेश एवं उत्तराखंड) के अपर महानिदेशक मेजर जनरल मनीष कुमार, युद्ध सेवा मेडल, सेना मेडल बार ने स्पष्ट किया कि भारतीय सेना का लक्ष्य केवल योग्यतम और सर्वश्रेष्ठ युवाओं का चयन करना है। उन्होंने बताया कि इस पूरी प्रक्रिया को अत्याधुनिक तकनीक और सख्त पारदर्शिता मानकों के साथ संचालित किया जा रहा है ताकि किसी भी प्रकार की अनियमितता की गुंजाइश न रहे।
सेना द्वारा भर्ती स्थल पर सुरक्षा और निष्पक्षता सुनिश्चित करने के लिए सीसीटीवी कैमरों से 24 घंटे निगरानी, डिजिटल टाइमिंग सिस्टम, बायोमेट्रिक सत्यापन और आरएफआईडी (RFID) जैसी तकनीकों का उपयोग किया जा रहा है। मेजर जनरल ने बताया कि सेना में चयन की यह प्रणाली पूरी तरह तकनीक-आधारित है, जहां दौड़ से लेकर शारीरिक दक्षता तक का सटीक रिकॉर्ड डिजिटल माध्यम से रखा जा रहा है। उन्होंने मीडिया की भूमिका की सराहना करते हुए कहा कि पारदर्शिता को जन-जन तक पहुंचाने में उनका सहयोग सराहनीय है।
अग्निवीर योजना पर प्रकाश डालते हुए उन्होंने कहा कि 17 से 22 वर्ष का युवा जब ‘कंट्री फर्स्ट’ की भावना के साथ सेना में आता है, तो उसे हथियार संचालन, सैन्य अनुशासन, तकनीकी कौशल और नेतृत्व जैसे बहुआयामी क्षेत्रों में दक्ष किया जाता है। सेवा अवधि पूर्ण होने के बाद ये युवा न केवल अनुशासित नागरिक बनेंगे, बल्कि उन्हें प्राप्त स्किल सर्टिफिकेट उनके भविष्य के रोजगार के अवसरों को भी सुदृढ़ करेगा। उन्होंने जिला प्रशासन के साथ सेना के उत्कृष्ट समन्वय की प्रशंसा की, जिसके फलस्वरूप आवास, चिकित्सा और सुरक्षा की सुव्यवस्थित व्यवस्थाएं सुनिश्चित की गईं। अंत में, उन्होंने युवाओं से अपील की कि वे दलालों और अफवाहों से सावधान रहें और केवल भारतीय सेना की आधिकारिक वेबसाइट के माध्यम से ही पंजीकरण कर इस गौरवशाली यात्रा का हिस्सा बनें।

