उत्तराखंड के डोमेस्टिक क्रिकेट में लागू होगा BCCI का कोड ऑफ कंडक्ट
नए कोड ऑफ कंडक्ट के अनुसार एक नेगेटिव कमेंट खिलाड़ी को कर सकता है मैच से बाहर, चोट छिपाना भी जुर्म
देहरादून। क्रिकेट एसोसिएशन ऑफ उत्तराखंड ने खिलाड़ियों के लिए सख्त कोड ऑफ कंडक्ट लागू किया है। अब ये कोड ऑफ कंडक्ट उत्तराखंड की डोमेस्टिक क्रिकेट में भी लागू होंगे। सोमवार को हुई क्रिकेट एसोसिएशन ऑफ उत्तराखंड की अपेक्स काउंसिल की बैठक में नए कोड ऑफ कंडक्ट को लेकर फैसला लिया गया है। बैठक में एसोसिएशन में रजिस्टर्ड खिलाड़ियों, टीम स्टाफ और कार्यरत कर्मचारियों और अधिकारियों के लिए एक नया ‘कोड ऑफ कंडक्ट लागू’ करने का फैसला लिया गया है। ये कोड ऑफ कंडक्ट काफी विस्तृत हैं। CAU जल्द ही इस सख्त गाइडलाइंस के लिए अप्रूवल फॉर्म जारी करेगा। इससे संबंधित सूचना सभी खिलाड़ियों और स्पोर्ट्स क्लबों तक पहुंचाई जाएगी।
सीएयू अध्यक्ष दीपक मेहरा ने बताया है कि इस नई अनुशासन नियमावली का मुख्य उद्देश्य क्रिकेट खिलाड़ियों में अनुशासन और ईमानदारी के अलावा फिटनेस और प्रोफेशनलिज्म को बढ़ावा देना है। यह कोड ऑफ कंडक्ट आने वाले क्रिकेट सीजन से सभी एज ग्रुप के खिलाड़ियों और हर लेवल पर लागू होगा। साथ ही उन्होंने बताया कि अब तक बीसीसीआई के मैचों में लागू होने वाले कोड ऑफ कंडक्ट को पहली बार उत्तराखंड के डोमेस्टिक क्रिकेट में भी लागू किया गया है। ये छोटे स्तर पर भी क्रिकेट को प्रोफेसलिज्म की दिशा में आगे ले जाएगा। उन्होंने कहा कि एसोसिएशन का मकसद है कि हमारे सभी खिलाड़ी मैदान पर अच्छा प्रदर्शन करें साथ ही मैदान के बाहर भी अनुशासन का परिचय देते हुए सभी आदर्श खिलाड़ी बनें। इन नियमों से युवा प्रतिभा सही दिशा में आगे बढ़ेगी और राज्य का क्रिकेट और मजबूती के साथ नए आयाम की ओर बढ़ेगा।
ये हैं CAU के कोड ऑफ कंडक्ट के कुछ महत्वपूर्ण नियम…
— सभी खिलाड़ियों को अपने साथी खिलाड़ियों, कोच, विरोधी टीम, अंपायर और अधिकारियों के प्रति सम्मानजनक व्यवहार रखना होगा। किसी भी स्थिति में अपशब्द, झगड़ा या फिर किसी भी तरह का नेगेटिव बॉडी लैंग्वेज या दुर्व्यवहार पर सख्त कार्रवाई होगी।
— किसी भी तरह की चोट या शारीरिक दिक्कत को छुपाना, टीम स्टाफ को गुमराह करना या फिर चोट का नाटक करना भी अनुशासनहीनता के दायरे में आएगा।
— एसोसिएशन के अधिकारियों, कर्मचारियों को बैठकों में, तो वहीं खिलाड़ियों को प्रैक्टिस और मैच के दौरान समय पर पहुंचना अनिवार्य है। बिना बताए अनुपस्थित होना अनुशासनहीनता के दायरे में आएगा, जिस पर सस्पेंड तक किया जा सकता है।
— अब BCCI के फिटनेस मानकों को डोमेस्टिक क्रिकेट में भी लागू किया जाएगा। चोट या फिर फिटनेस के मामलों में सच्चाई बतानी जरूरी होगी।
— क्रिकेट एसोसिएशन ऑफ उत्तराखंड द्वारा दी जाने वाली सभी तरह की सुविधाओं जैसे कि खेल उपकरण, स्पोर्ट्स किट, मैदान और जिम इक्विपमेंट का दुरुपयोग दंडनीय होगा।
— टीम स्टाफ या फिर खिलाड़ियों द्वारा संगठन के अधिकारियों को बदनाम करने वाली सोशल मीडिया पोस्ट या फिर आंतरिक मामलों पर नकारात्मक टिप्पणी पर प्रतिबंध।
— मैदान पर अंपायर से बहस करना, इक्विपमेंट फेंकना या फिर किसी भी तरह से स्पोर्ट्समैनशिप का परिचय ना देने पर कार्रवाई होगी।
— अपने ईगो को टीम बेनिफिट से नीचे रखना होगा। किसी भी तरह की नेगेटिव गॉसिप या फिर आरोप प्रत्यारोपों पर प्रतिबंध
नियमों का उल्लंघन करने पर उल्लंघन की गंभीरता के आधार पर चेतावनी या फिर जुर्माने के रूप में मैच की आधी फीस, मैच में बैन या फिर गंभीर अनुशासनहीनता में 1 साल तक डोमेस्टिक क्रिकेट में प्रतिबंध तक लगाया जा सकता है। चोट छुपाने या बिना सूचना एब्सेंट होने पर तत्काल सीजन से हटाया जा सकता है।
— सभी शिकायतों के लिए चैनल निर्धारित किए गए हैं। निर्धारित चैनल का पालन करना जरूरी होगा। 24 घंटे के भीतर मैच रेफरी सुनवाई करेंगे तो वहीं सभी खिलाड़ियों को कोड ऑफ कंडक्ट की स्वीकृति पर साइन करना जरूरी है।
सैयद मुश्ताक अली टी20 ट्रॉफी में सुपर लीग के लिए क्वालीफाई नहीं कर पाया उत्तराखंड…
गौरतलब है कि सीएयू यानी क्रिकेट एसोसिएशन ऑफ उत्तराखंड, बीसीसीआई द्वारा मान्यता प्राप्त संस्था है जो उत्तराखंड में क्रिकेट का संचालन करती है। इस साल घरेलू टी20 टूर्नामेंट सैयद मुश्ताक अली टी20 क्रिकेट ट्रॉफी में उत्तराखंड की टीम का प्रदर्शन काफी खराब रहा। टीम सुपर लीग के लिए भी क्वालीफाई नहीं कर पाई। 32 टीमों के एलीट ग्रुप वाले मुकाबले में मुंबई, हैदराबाद, हरियाणा, राजस्थान, पंजाब, झारखंड, आंध्र प्रदेश और मध्य प्रदेश की टीमें ही टॉप-8 में जगह बना सकी हैं।

