प्राथमिक शिक्षा निदेशक से मारपीट मामले में भाजपा विधायक काऊ के खिलाफ मुकदमा दर्ज
देहरादून। उत्तराखंड प्राथमिक शिक्षा निदेशालय में प्राथमिक शिक्षा निदेशक अजय नौडियाल के साथ हुई मारपीट मामले में पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर लिया है। अजय नौडियाल ने इस मामले में रायपुर में तहरीर दी थी। उसी तहरीर का आधार पर पुलिस ने बीजेपी विधायक उमेश शर्मा काऊ और उनके समर्थकों पर मुकदमा दर्ज किया गया है।
अजय नौडियाल ने तहरीर में विधायक उमेश शर्मा काऊ और उनके साथ आए लोगों पर कार्यालय में घुसकर मारपीट करने, गाली-गलौज, तोड़फोड़ और जान से मारने की धमकी देने का आरोप लगाया है। अजय नौडियाल की तहरीर का अनुसार शनिवार 21 फरवरी दोपहर करीब 12.10 बजे विधायक उमेश शर्मा काऊ अपने समर्थकों के साथ बिना सूचना के ननूरखेड़ा स्थित प्राथमिक शिक्षा निदेशालय पहुंचे और सीधे उनके कक्ष में प्रवेश कर गए।

आरोप है कि उस समय कार्यालय में मुख्य प्रशासनिक अधिकारी सहित अन्य कर्मचारी विभागीय कार्यों पर चर्चा कर रहे थे। विधायक ने कक्ष में प्रवेश करते ही कर्मचारियों को बाहर जाने के लिए कहा और कथित रूप से गाली-गलौज की
आरोप है कि कर्मचारियों के बाहर निकलने के बाद निदेशक के साथ अभद्र व्यवहार किया गया और उन्हें लगातार धमकियां दी गईं। साथ ही दरवाजा अंदर से बंद कर दिया गया और निदेशक को जान से मारने की धमकी दी गई। स्थिति बिगड़ती देख कार्यालय कर्मियों ने पुलिस हेल्पलाइन 112 पर सूचना दी।
आरोप है कि कुछ देर बाद जब दरवाजा खोला गया तो बीच-बचाव की कोशिश की गई, लेकिन शिकायत के अनुसार विधायक और उनके साथ आए लोगों ने मारपीट शुरू कर दी। इस दौरान महिला कर्मचारियों के साथ भी अभद्रता की गई।
निदेशक ने आरोप लगाया है कि मारपीट के दौरान निदेशक और कुछ कर्मचारी घायल हो गए। निदेशक ने विधायक उमेश शर्मा और उनके समर्थकों पर कार्यालय की फाइलें फाड़ने और कुछ दस्तावेज साथ ले जाने का भी आरोप भी लगाया है। इसके बाद ऑफिस का फर्नीचर उठाकर भी फेंका गया। घटना में उनकी आंख और चेहरे पर गंभीर चोटें आने की बात कही गई है, जिसके बाद उन्हें तत्काल अस्पताल ले जाया गया।
थाना रायपुर प्रभारी गिरीश नेगी ने बताया कि प्राथमिक शिक्षा निदेशालय के शिक्षा निदेशक अजय कुमार द्वारा दी गई तहरीर के आधार पर विधायक उमेश शर्मा काऊ सहित अन्य लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर पुलिस मामले की जांच कर रही है।
ये रही विवाद की वजह…
बताया जा रहा है कि पूरा विवाद सरकारी स्कूल का नाम बदलने की बात को लेकर शुरू हुआ। दरअसल, भाजपा विधायक उमेश शर्मा काऊ अपने समर्थकों के साथ प्रारंभिक शिक्षा निदेशालय पहुंचे थे। उन्होंने रायपुर स्थित के एक सरकारी स्कूल का नाम बदलने की मांग की थी, उसकी को लेकर प्राथमिक शिक्षा निदेशक अजय नौडियाल और विधायक उमेश शर्मा के बीच बहस हो गई, जो बाद में मारपीट तक पहुंच गई। निदेशक ने स्पष्ट कर दिया कि किसी भी सरकारी स्कूल का नाम परिवर्तन शासन स्तर पर तय होता है और यह निर्णय उनके अधिकार क्षेत्र में नहीं आता।

