सड़क दुर्घटना पीड़ितों के लिए ‘मुआवजा (अंतरिम राहत) योजना, 2026’ लागू
पीड़ितों और उनके आश्रितों को दुर्घटना के बाद त्वरित आर्थिक सहायता मिलेगी
चम्पावत। सड़क दुर्घटनाओं में प्रभावित होने वाले पीड़ितों और उनके आश्रितों को तत्काल आर्थिक सहायता उपलब्ध कराने के उद्देश्य से भारत सरकार द्वारा ‘सड़क दुर्घटना पीड़ितों को मुआवजा (अंतरिम राहत) योजना, 2026’ लागू की गई है।
जिलाधिकारी मनीष कुमार ने जानकारी देते हुए बताया कि उच्च न्यायालय के दिशा-निर्देशों के अनुपालन में सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा इस महत्वपूर्ण योजना को विधिवत लागू किया गया है, जिसका उद्देश्य सड़क दुर्घटना पीड़ितों को त्वरित आर्थिक सहायता उपलब्ध कराना है। जिलाधिकारी ने बताया कि उच्च न्यायालय द्वारा पूर्व में सड़क दुर्घटना पीड़ितों को समयबद्ध वित्तीय सहायता प्रदान करने के लिए अधिनियम की धारा 164ए के अंतर्गत प्रभावी योजना तैयार करने के निर्देश दिए गए थे। न्यायालय के निर्देशों के अनुपालन में केंद्र सरकार द्वारा इस योजना को तैयार कर लागू किया गया है, ताकि दुर्घटना से प्रभावित परिवारों को शीघ्र राहत मिल सके।
उन्होंने कहा कि प्रायः सड़क दुर्घटनाओं के मामलों में अंतिम मुआवजा प्राप्त करने की प्रक्रिया में कानूनी औपचारिकताओं के कारण लंबा समय लग जाता है। ऐसे में यह योजना दुर्घटना के तुरंत बाद पीड़ितों को ‘अंतरिम राहत’ के रूप में आर्थिक सहायता उपलब्ध कराएगी, जिससे उनके उपचार, पुनर्वास तथा परिवार की तात्कालिक आवश्यकताओं की पूर्ति समय पर हो सकेगी। जिलाधिकारी ने बताया कि इस योजना के लागू होने से सड़क दुर्घटना पीड़ितों को मिलने वाली सहायता व्यवस्था अधिक सुदृढ़, पारदर्शी एवं त्वरित बनेगी, जिससे जरूरतमंदों को समय पर राहत मिल सकेगी।

