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उत्तराखंड में पुलिस पर जानलेवा हमला, 2 कांस्टेबल घायल

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पुलिस पर जानलेवा हमला, हाईवे पर घेरकर वाहन को मारी टक्कर, महिला कांस्टेबल समेत दो घायल

उत्तराखंड से इस वक्त की सनसनीखेज एवं बड़ी खबर सामने आ रही है। हरिद्वार जिले की ज्वालापुर कोतवाली क्षेत्र में फरार आरोपी की गिरफ्तारी के लिए आई उत्तर प्रदेश पुलिस टीम पर जानलेवा हमला किया गया। आरोप है कि वांछित आरोपी के बेटे और उसके साथियों ने पुलिस की निजी गाड़ी को हाईवे पर घेरकर बार-बार टक्कर मारी, जिससे बड़ा हादसा होते-होते टल गया। इस हमले में एक महिला कांस्टेबल सहित दो पुलिसकर्मी घायल हो गए।

यह पूरा मामला न केवल कानून व्यवस्था को खुली चुनौती देते हुए नजर आ रहा है बल्कि यह भी साफ दर्शाता है कि अपराधियों में कानून व्यवस्था और उसके रखवालों का बिल्कुल भी खौफ नहीं है। हरिद्वार जिले में लगातार बढ़ती अपराधिक घटनाओं, फायरिंग के मामलों और अब सीधे पुलिसकर्मियों पर हमले की इस वारदात के बाद पुलिस प्रशासन क्या कदम उठाते हैं यह देखने वाली बात होगी।

घटना के संबंध में थाना छपार, मुजफ्फरनगर में तैनात उपनिरीक्षक अनुराग सिंह ने ज्वालापुर कोतवाली में शिकायत दर्ज कराई है। उनके अनुसार, छपार थाने में दर्ज एक मुकदमे में वांछित संजय निवासी सुभाष नगर, ज्वालापुर की गिरफ्तारी के लिए वह अपनी टीम के साथ हरिद्वार पहुंचे थे। टीम ने नियमानुसार कोतवाली ज्वालापुर में आमद दर्ज कराई और आरोपी के घर दबिश दी, लेकिन वह वहां मौजूद नहीं मिला। इस दौरान आरोपी का बेटा ईशांत घर पर मिला, जिसने पुलिस टीम से अभद्र व्यवहार किया।

इसके बाद पुलिस टीम त्रिमूर्ति बाजार क्षेत्र की ओर गश्त कर रही थी, तभी संजय दिखाई दिया। पुलिस उसे हिरासत में लेकर पूछताछ के लिए ले जा रही थी। आरोप है कि इसी दौरान ईशांत ने अपने साथियों के साथ दो वाहनों में सवार होकर पुलिस की गाड़ी का पीछा शुरू कर दिया। भूमानंद अस्पताल के पास पुलिस वाहन को जानबूझकर कई बार टक्कर मारी गई और पुलिसकर्मियों को जान से मारने की धमकियां दी गईं।

जब पुलिस की गाड़ी रुक गई तो आरोपियों ने घेराबंदी कर मारपीट का प्रयास किया। इस हमले में महिला कांस्टेबल प्राची और कांस्टेबल अनिल कुमार को चोटें आईं। सूचना मिलते ही ज्वालापुर कोतवाली पुलिस मौके पर पहुंची और स्थिति को नियंत्रित किया। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी के बेटे ईशांत सहित शिवम मलिक और अमन को गिरफ्तार कर लिया, जबकि एक अन्य आरोपी मौके से फरार हो गया।

इस मामले में पांच नामजद और चार अज्ञात व्यक्तियों के खिलाफ हत्या के प्रयास, सरकारी कार्य में बाधा, तोड़फोड़ और अन्य गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया है। कोतवाली प्रभारी कुंदन सिंह राणा ने बताया कि घटना की गंभीरता को देखते हुए जांच तेज कर दी गई है और फरार आरोपियों की तलाश जारी है। पुलिस का कहना है कि सरकारी कार्य में बाधा डालने और पुलिसकर्मियों की जान जोखिम में डालने वालों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।