चम्पावत : जनता मिलन में जिलाधिकारी ने सुनीं 83 शिकायतें, जन-समस्याओं के त्वरित एवं समयबद्ध निस्तारण के दिए निर्देश
पेंशन से लेकर सड़क तक की विभिन्न समस्याओं पर जिलाधिकारी का फोकस, जनता मिलन में दिए त्वरित समाधान के निर्देश
चम्पावत। जन-सामान्य की समस्याओं के त्वरित समाधान और प्रशासनिक पारदर्शिता को प्राथमिकता देते हुए सोमवार को जिला कार्यालय सभागार में जिलाधिकारी मनीष कुमार की अध्यक्षता में ‘जनता मिलन’ कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस दौरान जनपद के दूर-दराज के क्षेत्रों से आए नागरिकों ने अपनी विभिन्न समस्याओं को जिलाधिकारी के सम्मुख रखा। कार्यक्रम के दौरान कुल 83 शिकायतें दर्ज की गईं, जिन पर जिलाधिकारी ने संबंधित विभागीय अधिकारियों को समयबद्ध कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

जनता मिलन कार्यक्रम में प्राप्त शिकायतों में मुख्य रूप से आर्थिक सहायता, आवास, पेयजल, सोलर लाइट, आपदा से क्षतिग्रस्त हुई ग्रामीण योजनाओं की मरम्मत, जंगली जानवरों से फसल सुरक्षा हेतु तारबाड़, रोजगार, जर्जर सड़क मार्गों का सुधारीकरण, विद्युत आपूर्ति और सामाजिक सुरक्षा पेंशन जैसे महत्वपूर्ण विषय शामिल रहे। जिलाधिकारी ने प्रत्येक फरियादी की समस्या को गंभीरता से सुना और मौके पर मौजूद अधिकारियों को निर्देशित किया कि जो शिकायतें तत्काल हल हो सकती हैं, उनका निराकरण तुरंत किया जाए और शेष शिकायतों पर निर्धारित समय सीमा के भीतर रिपोर्ट प्रस्तुत की जाए।
ग्राम मंच की हीरा देवी द्वारा वृद्धा पेंशन के संबंध में शिकायत दर्ज कराई गई। जिलाधिकारी ने जिला समाज कल्याण अधिकारी को तत्काल आवश्यक कार्यवाई करने के निर्देश दिए। भवान सिंह, ग्राम नाकोट तथा कृष्णानंद, ग्राम मैरोली द्वारा गौशाला चाहने के संबंध में आवश्यक कार्यवाही की मांग की गई। जिलाधिकारी द्वारा खण्ड विकास अधिकारी को शीघ्र प्रस्ताव तैयार करने के निर्देश दिए। ग्राम कठनौली की तारी महर द्वारा विकलांगता प्रमाण पत्र बनाये जाने हेतु अनुरोध किया गया। जिलाधिकारी ने मुख्य चिकित्सा अधिकारी एवं समाज कल्याण अधिकारी को कार्यवाही करने हेतु निर्देशित किया।

बहादुर सिंह, ग्राम खूनाबोरा द्वारा गांव में पेयजल की समस्या के संबंध में शिकायत दर्ज कराई गई। जिलाधिकारी ने अधिशाषी अभियंता जल संस्थान को स्थलीय निरीक्षण कर कार्यवाही करने के निर्देश दिए। ग्राम ढकना बडोला की आनंदी देवी द्वारा प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत प्रार्थी को आवास प्रदान किये जाने संबंधी मांग की गई। ग्राम सिलाड़ के पंकज रैंसवाल की रोजगार दिए जाने संबंधी मांग दर्ज की गई। जिलाधिकारी ने जिला सेवायोजन अधिकारी को रोजगार पोर्टल पर पंजीकरण करने हेतु निर्देशित किया। ग्राम गंगनौला के खड़क प्रसाद द्वारा आपदा के दौरान क्षतिग्रस्त मकान की सुरक्षा दीवार टूटने के संबंध में शिकायत दर्ज कराई गई। इस पर जिलाधिकारी ने उपजिलाधिकारी को निरीक्षण के उपरांत मनकानुसार कार्यवाही करने हेतु निर्देश दिये।
पाटी की रेखा मौनी द्वारा आर्थिक सहायता की मांग की गई।
ग्राम भिंगराडा के श्री टीकाराम द्वारा सीसी मार्ग के निर्माण के संबंध में शिकायत दर्ज कराई गई। मोनू विश्वकर्मा, ग्राम कमलेख द्वारा छात्रवृत्ति न मिलने के संबंध में शिकायत दर्ज की गई। ग्राम चौड़ासेठी के दीवान सिंह द्वारा अत्यधिक विद्युत बिल आने संबंधी शिकायत दर्ज कराई गई। रीता भट्ट, ग्राम नघान द्वारा आधार कार्ड सही करवाने में आ रही समस्या के संबंध में शिकायत दर्ज कराई गई। इसके अतिरिक्त रेखा थापा, दीपक चौधरी, ममता देवी, सुनीता देवी, प्रताप सिंह, धन सिंह, गिरीश चंद्र, दीपक टम्टा, मोहन पांडेय, हेमा देवी, सुमन देवी, ईश्वरी देवी, रोशन राम, विनोद कुमार समेत अन्य लोगों द्वारा विभिन्न शिकायतें दर्ज कराई गई।
जिलाधिकारी मनीष कुमार ने जोर देते हुए सभी अधिकारियों को निर्देशित करते हुए कहा कि जन-शिकायतों का निस्तारण शासन की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में से एक है। उन्होंने अधिकारियों को सचेत किया कि शिकायतों के निस्तारण में किसी भी प्रकार की लापरवाही या अनावश्यक देरी बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने कहा कि प्रशासन का प्रयास है कि आम नागरिक को अपनी बुनियादी समस्याओं के लिए दफ्तरों के चक्कर न लगाने पड़ें और उन्हें स्थानीय स्तर पर ही न्याय मिले। इस अवसर पर विभिन्न विभागों के जनपदीय अधिकारी उपस्थित रहे, जिन्हें प्राप्त आवेदनों को प्राथमिकता के आधार पर निस्तारित करने की जिम्मेदारी सौंपी गई। इस दौरान मुख्य विकास अधिकारी डॉ. जीएस खाती, मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. देवेश चौहान, मुख्य शिक्षा अधिकारी मेहरबान सिंह बिष्ट, जिला विकास अधिकारी दिनेश सिंह दिगारी, अधिशासी अभियंता विद्युत विजय सकारिया, खंड विकास अधिकारी चम्पावत अशोक अधिकारी, उप जिलाधिकारी लोहाघाट नीतू डांगर (वर्चुअली) सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।

