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टनकपुर # वाटर कंजर्वेशन एंड वाटर रिलेटेड टेक्नोलॉजी पर सिंगापुर के साइंटिस्ट डॉ. शैलेश खर्कवाल ने छात्र छात्राओं को दी जानकारी

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टनकपुर। नर्मदा नदी के संरक्षण के लिए एस्ट्रो मंत्र स्टार्टअप की शुरुआत करने वाले सिंगापुर के जल संरक्षण वैज्ञानिक टनकपुर निवासी डॉ. शैलेश खर्कवाल ने सोमवार को डॉ. एपीपी अब्दुल कलाम इंजीनियरिंग कॉलेज में व्याख्यान दिया। उन्होंने कॉलेज के छात्र-छात्राओं को वाटर कंजर्वेशन (जल संरक्षण) एवं जल शुद्धता संबंधी तकनीक बताई। इससे पूर्व एसडीएम हिमांशु कफल्टिया ने डॉ. खर्कवाल को स्मृति चिह्न भेंट कर उनका स्वागत किया।

टनकपुर के डॉ. एपीपी अब्दुल कलाम इंजीनियरिंग कॉलेज में व्याख्यान देते वैज्ञानि डॉ. शैलेश खर्कवाल।


वैज्ञानिक डॉ. खर्कवाल ने छात्र-छात्राओं को जल संरक्षण के क्षेत्र में स्टार्टअप के अवसर बता जल चक्र और वर्षा जल संरक्षण की उपयोगिता भी समझायी। उन्होंने टनकपुर क्षेत्र में उपयोग में लाए जाने वाले पानी के विश्लेषण की जानकारी दी। कहा कि टनकपुर क्षेत्र के आसपास के पानी को शुद्ध करने के लिए नई तकनीक अपनाने की जरूरत है। उन्होंने भारत, सिंगापुर में जल गुणवत्ता एवं इसके शुद्धीकरण के स्तर का अंतर भी समझाया। डॉ. खर्कवाल ने बताया कि नर्मदा नदी के संरक्षण के लिए उन्होंने एस्ट्रो मंत्र नामक स्टार्टअप की शुरुआत की है। इसके तहत कार्य कर उस क्षेत्र में जल संकट के कारण हो रहे पलायन को बचाने सफलता मिली। उन्होंने संस्थान के सिविल, मैकेनिकल इंजीनियरिंग के शिक्षकों के साथ भी जल संकट, संरक्षण, संवर्धन पर चर्चा की। शिक्षक अलप महर ने संचालन किया। कार्यक्रम में छात्र-छात्राओं समेत अंबिकेश यादव, कनिका डोगरा, आकांक्षा चौधरी, नीतीश फुलेरा, डॉ. राहुल क्षेत्री आदि रहे।

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डॉ. शैलेश खर्कवाल को स्मृति चिह्न भेंट करते एसडीएम हिमांशु कफल्टिया। विज्ञप्ति
डॉ. शैलेश खर्कवाल को स्मृति चिह्न भेंट करते एसडीएम हिमांशु कफल्टिया।
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