चम्पावत में स्पिरिचुअल इको-टूरिज़्म को बढ़ावा देने की कवायद तेज
सचिव पर्यटन की अध्यक्षता में स्पिरिचुअल इकोनॉमिक ज़ोन पर विस्तृत समीक्षा बैठक
चम्पावत। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की विशेष पहल चम्पावत में स्पिरिचुअल इकोनॉमिक ज़ोन को मूर्त रूप देने के लिए सचिव पर्यटन धीराज गर्ब्याल की अध्यक्षता ( वी.सी के माध्यम से) में एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। इसमें चम्पावत को आध्यात्मिकता, प्राकृतिक सौंदर्य और स्थानीय संस्कृति के समन्वय से एक समग्र पर्यटन सर्किट के रूप में विकसित करने पर विस्तृत चर्चा की गयी।
इस कार्ययोजना का प्लान अंतरराष्ट्रीय कंसल्टेंसी मैकेंज़ी द्वारा तैयार किया जा रहा है। मैकेंज़ी द्वारा तैयार किया जा रहा यह मास्टर प्लान पर्यटन विकास, स्थानीय अर्थव्यवस्था, सांस्कृतिक संरक्षण, आजीविका संवर्धन और आधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर को समन्वित रूप से आगे बढ़ाने पर केंद्रित है। बैठक में बताया गया कि इसके तहत गोल्ज्यू देवता, माँ वाराही धाम सर्किट, बाणसुर, एबट माउंट, राजबुंगा किला और स्वामी विवेकानंद सर्किट जैसे ऐतिहासिक एवं आध्यात्मिक स्थलों को जोड़ते हुए एक आकर्षक और सुव्यवस्थित हॉलिस्टिक स्पिरिचुअल टूरिस्म कर्रिडोर विकसित किया जाएगा, जिससे चम्पावत को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर एक प्रमुख “Spiritual-Eco Destination” के रूप में स्थापित किया जा सके। सचिव पर्यटन और जिलाधिकारी ने इसके तहत श्यामलताल, डांडा ककनई, कोलीढेक सहित अन्य महत्वपूर्ण स्थलों को भी जोड़ने के निर्देश दिए।
बैठक में पंचेश्वर क्षेत्र में महाशीर मछली संरक्षण को बढ़ावा देते हुए एंग्लिंग स्कूल के रूप में विकसित करने और स्थानीय युवाओं के लिए कौशल आधारित रोजगार के अवसर सृजित करने पर भी विशेष चर्चा हुई। इसी क्रम में कोलीढेक झील में महाशीर संरक्षण और इको-टूरिज्म की संभावनाओं को बढ़ाने के भी निर्देश दिए गये। बैठक में जिलाधिकारी मनीष कुमार ने लोहाघाट के समग्र सुदृढ़ीकरण पर जोर देते हुए लोहाघाट को अतिक्रमण मुक्त करने के सख्त निर्देश दिए। साथ ही प्रस्तावित बाईपास में वे-साइड अमेनिटीज़, पार्किंग और यात्रियों की सुविधा से संबंधित अन्य व्यवस्थाओं को प्राथमिकता के साथ विकसित करने के निर्देश भी अधिकारियों को प्रदान किए। बैठक में उपजिलाधिकारी अनुराग आर्या, मैकेंज़ी के कंसलटेंट सहित अन्य सम्बन्धित अधिकारी उपस्थित रहे।

