उधमसिंह नगरक्राइमनवीनतम

फेसबुक की दोस्ती पड़ी महंगी : अल्मोड़ा में शिक्षा विभाग में कार्यरत महिला से साइबर ठगों ने की 58 लाख ठगी

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रुद्रपुर। अल्मोड़ा निवासी शिक्षा विभाग में कार्यरत महिला को फेसबुक पर ब्रिटेन की महिला से दोस्ती करना महंगा पड़ गया। गिफ्ट भेजकर पीड़िता से कस्टम अधिकारी बनकर मनी-लांड्रिग के नाम पर झांसे में लेकर 58 लाख रुपये से ज्यादा की धोखाधड़ी कर दी गई। साथ ही चार बैंक खाते खुलवाकर उसमें लेनदेन भी किया। इसकी जानकारी मिलने पर पीड़िता ने साइबर थाना पुलिस से शिकायत की। मामले में साइबर थाना पुलिस ने प्राथमिकी पंजीकृत कर जांच शुरू कर दी है।

अल्मोड़ा निवासी महिला ने बताया कि वह शिक्षा विभाग में कार्यरत है। वर्ष, 2022 में फेसबुक में डा. मारियो प्रोफाइल नाम से एक फ्रेंड रिक्वेस्ट आई थी, जो एक विदेशी महिला थी। जिसके बाद उनके बीच चैट शुरू हो गया। डा. मारियो ने बताया कि वह ब्रिटेन के एक सरकारी अस्पताल में गाइनोकॉलोजिस्ट है। जिसके बाद उनके बीच अच्छी दोस्ती हो गई। इस दौरान उन्होंने एक दूसरे को अपना वाटसएप नंबर भी शेयर किया।

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वर्ष 2023 में मारियो ने कहा कि वह उसके लिए ब्रिटेन से एक सरप्राइज गिफ्ट भेज रही है। उसके लिए उन्होंने इंकार कर दिया। छह नवंबर 2023 को उसके मोबाइल पर एक नंबर से काल आई। कालर ने बताया कि वह कस्टम विभाग से बोल रहे हैं और उनके नाम का एक पैकेट आया है, जिसमें हैंडबैग, एक मोबाइल तथा सामान के साथ विदेशी मुद्रा भी है। इसके बाद कस्टम अधिकारी का दोबारा काल आया और गिफ्ट पैकेट को छुडाने के नाम पर कुछ धनराशि की मांग की।

रुपये देने के बाद फिर काल कर आरबीआई के चार्जेज व अन्य सीमा शुल्क के नाम पर कुछ और धनराशि की मांग की। बाद में उसे पुलिस व मनी-लांड्रिग में ईडी की कार्यवाही में फंसने व जेल भेजने की धमकी देने लगे। इस पर उसने मारियो व कस्टम अधिकारी के कहने पर उनके बताए अनुसार भिन्न-भिन्न बैंकों में नवम्बर 2023 से 23 मार्च 2026 तक 58 लाख रुपये से ज्यादा ट्रांसफर किए।

उसे आश्वासन दिया कि पूरी प्रक्रिया के बाद उसका रुपया वापस कर दिया जाएगा, इसके लिए उसे चार अलग अलग बैंक में खाता खुलवाना होगा। उनके दबाव में आकर उसने चार बैंक में खाता खुलवा दिया। खाता खोलने के बाद कस्टम विभाग वालों ने कहा कि चारों बैंक खातों के एटीएम, खातों में लिंक मोबाइल नंबर ओम विहार फेस-तीन उत्तम नगर दिल्ली निवासी डा. कुमार एंथोनी के पते पर मंगवाया गया। जिसके बाद उसने स्पीडपोस्ट कर भेज दिया।

बाद में उसे मेल व अन्य माध्यमों से पता चला कि उनके चारों खातों में लेन-देन किया जा रहा है। धोखाधड़ी का एहसास होते ही उन्होंने चारों खाते बंद करवा दिया। पीड़िता ने साइबर थाना पुलिस से कस्टम अधिकारी बनकर मनी-लांड्रिग के नाम पर झांसे में लेकर 58 लाख रुपये से ज्यादा की धोखाधड़ी करने वालों पर कार्रवाई की मांग की। कोतवाल साइबर थाना अरुण कुमार ने बताया कि पीड़िता की तहरीर पर अज्ञात साइबर ठगों पर प्राथमिकी पंजीकृत कर जांच शुरू कर दी गई है।

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