बागेश्वर में हुआ भीषण हादसा : बोलेरो खाई में गिरी, देवरानी जेठानी की हुई मौत
बागेश्वर। एक बोलेरो वाहन खाई में गिरने से दो महिलाओं की मौत हो गई। यह हादसा इतना भयावह था कि शव बुरी तरह से वाहन के भीतर फंसे हुए थे। जिन्हें कटर मशीन का सहारा लेकर बाहर निकालना पड़ा। घटना के बाद से मृतकों के परिजनों में कोहराम मचा हुआ है वहीं पूरे क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ गई है।
जानकारी के अनुसार शुक्रवार को बागेश्वर जिले के कपकोट तहसील क्षेत्र के भराड़ी से खल्झूनी जा रहा बोलेरो वाहन संख्या यूके02TA/3078 रिखाड़ी के पास मुनार बावे बैंड पर पहुंचते ही अनियंत्रित होकर सीधा 100 मीटर गहरी खाई में समा गया। यह हादसा इतना भयावह था कि इसमें दो महिलाओं की मौत हो गई, जबकि पांच लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस प्रशासन की टीम स्थानीय लोगों और एसडीआरएफ की टीम के साथ मौके पर घटनास्थल पहुंची। एसडीआरएफ के टीम प्रभारी दिनेश पुरी ने बताया कि हादसे वाली जगह काफी उबाड़ खाबड़ थी और पत्थरों के बीच फंसे वाहन के नीचे लुढ़कने का खतरा बना हुआ था। इस दौरान सभी ने सूझबुझ दिखाते हुए घायलों को खाई से निकालकर सड़क तक पहुंचाया, जिन्हें उपचार के लिए अस्पताल भेजा गया। हालांकि दो महिलाएं वाहन के भीतर ही फंसी हुई थीं। जिस पर सबसे पहले टीम ने रस्सियों के सहारे वाहन को स्थिर करने का प्रयास किया। इसके बाद एंगल कटर मशीन की मदद से दरवाजे और वाहन की बॉडी को काटकर महिलाओं को बाहर निकाला गया लेकिन तब तक काफी देर हो चुकी थी।
बताया जा रहा है कि हादसे का शिकार हुई मृतका पानुली देवी और सुपुली देवी देवरानी जेठानी थीं। पानुली देवी की चार बेटियां और दो बेटे हैं, जिसमें एक पुत्र और तीन पुत्रियों की शादी हो चुकी है। वहीं सुपुली देवी का एक पुत्र और बहू है। हादसा किस वजह से हुआ है इसका अभी तक कुछ पता नहीं चल पाया है। जानकारी में पता चला है कि वाहन 3 महीने पुराना था जिसका रजिस्ट्रेशन 23 दिसंबर 2025 को हुआ था। हैरान कर देने वाली बात तो यह है कि वाहन ना तो ओवरलोडिंग था और ना ही चालक शराब के नशे में था। फिर हादसे की वजह क्या थी इसका पता लगाना अभी बाकी है। जिस स्थान पर हादसा हुआ है वो सड़क काफी चौड़ी है। हालांकि स्टेयरिंग लॉक की बात भी सामने आ रही है। ऐसे में यह हादसा मानवीय भूल थी या किसी तकनीकी खराबी के कारण यह दुर्घटना हुई है यह जांच का विषय बन गया है।

