उत्तर प्रदेशक्राइमनवीनतम

‘मैं IAS अफसर हूं नेपाल जा रहा’, सुन बॉर्डर पर खड़े जवानों में मची खलबली, कार के कागज देख अफसर हैरान

ख़बर शेयर करें -

इंडो नेपाल बॉर्डर पर जो हुआ वो बेहद ही हैरान कर देने वाला मामला था। जहां जवानों ने 5 लोगों को पकड़ा है। जिनमें से 1 खुद को IAS अफसर बता रहा था। यह सभी इनोवा कार में सवार थे।

यूपी के बहराइच में इनोवा कार से कुछ लोग नेपाल जा रहे थे, जब बॉर्डर पर उन्हें रोका गया तो उसमें से एक ने कहा कि मैं IAS अफसर हूं। यह सुन वहां खलबली मच गई। इतने में सशत्र सीमा बल के अफसरों ने उनसे पूछताछ की तो पता चला कि यह कोई IAS अधिकारी नहीं है बल्कि झूठ बोलकर बॉर्डर पार करने की फिराक में है। जब इनोवा कार के कागज चेक किए तो वह आरोपी की पत्नी के नाम थे।
दरअसल नेपाल में खुलेआम कसीनो का कारोबार चल रहा है। जिस कारण हर रोज सैकड़ो की संख्या में भारतीय इंडो नेपाल बार्डर पार करके नेपाल पहुंचते हैं और अपने पैसों की बाजी लगाते हैं। बहराइच में कल लखनऊ निवासी 5 लोग जो अपनी गाड़ी पर लाल नीली बत्ती लगाकर हूटर बजाते हुए इंडो नेपाल बार्डर पार करने की फिराक में थे, लेकिन बार्डर पर मुस्तैद सशत्र सीमा बल के जवानों ने उन्हें पूछताछ में दबोच लिया। उनके पास से भारी मात्रा में कैश और आरोपियों ने कसीनो में जुआ खेलने की बात कबूली है। रुपईडीहा पुलिस ने सभी पांचों आरोपियों पर केस दर्ज कर दिया और उन्हें जेल भेज दिया है।

Ad Ad


लखनऊ निवासी धर्मेंद्र सिंह अपने 5 साथियों के साथ एक इनोवा कार से बहराइच होते हुए रुपईडीहा बार्डर से नेपाल जाने के फिराक में थे। बार्डर पर चेकिंग के दौरान सशत्र सीमा बल के जवानों ने पुछताछ की तो उन्होंने अपने आप को उत्तर प्रदेश सचिवालय में IAS अधिकारी बताया, लेकिन मुस्तैद एजेंसियों को जब शक हुआ तो उन्होंने गहनता से पूछताछ की, तब जाकर पोल खुली।

मुख्य आरोपी धर्मेंद्र ने बताया की वह अपने और चार साथी शुभम बाजपेई, अनमोल सिंह, संचित सिंह और स्वप्नल सहाय के साथ नेपाल में संचालित कसीनो जुआ खेलने जा रहे थे। धर्मेंद्र ने पुलिस को IAS होने की कहानी भी बताई। उसने बताया की उंसने रौब गांठने के लिए ऐसा किया है, और इनोवा गाड़ी उसकी पत्नी के नाम पर दर्ज है।

पुलिस ने कार्रवाई करते हुए गाड़ी को सीज कर दिया है और पांचों आरोपियों के खिलाफ सुसंगत धाराओं में केस दर्ज किया है। इंडो नेपाल बार्डर पर यह पहला मामला नही है। इससे पहले भी लोग लाखों की करेंसी के साथ पकड़े ज चुके हैं। रुपईडीहा बार्डर से हर रोज सैकड़ों व्यक्ति बॉर्डर पार करते है और बार्डर के उस पार कसीनो की खड़ी गाड़ियों में बैठकर नेपाल के कसीनो में अपनी किस्मत को आजमाते हैं।

Ad Ad

नवीन सिंह देउपा

नवीन सिंह देउपा सम्पादक चम्पावत खबर प्रधान कार्यालय :- देउपा स्टेट, चम्पावत, उत्तराखंड