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अब जाम नहीं, आराम से सफर! मसूरी माल रोड पर 54 गोल्फ कार्ट तैयार

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देहरादून। मसूरी में रिक्शा अब इतिहास बनने की ओर हैं और उनकी जगह स्मार्ट, सुरक्षित और पर्यावरण हितैषी गोल्फ कार्ट लेने जा रही हैं। जिससे पहाड़ों की रानी नई पहचान के साथ आगे बढ़ेगी। जिला प्रशासन के प्रयासों से मसूरी माल रोड और कैमल्स बैक रोड पर जल्द ही 40 नई गोल्फ कार्ट शामिल होंगी। इसके साथ ही कुल गोल्फ कार्ट की संख्या बढ़कर 54 हो जाएगी।


जिलाधिकारी सविन बंसल के नेतृत्व में यह पहल मसूरी को देश का पहला ऐसा प्रमुख पर्यटन स्थल बनाने की दिशा में है, जहां पारंपरिक रिक्शा की जगह चरणबद्ध तरीके से गोल्फ कार्ट संचालित होंगी। जिला प्रशासन ने REC Foundation Ltd. (आरईसी फाउंडेशन) के सहयोग से 3.36 करोड़ रुपये की धनराशि CSR फंड के तहत स्वीकृत करवाई है। यह राशि गोल्फ कार्ट खरीद एवं संचालन व्यवस्था को सुदृढ़ करने में खर्च की जाएगी। इससे पहले भी प्रशासन के प्रयासों से 14 गोल्फ कार्ट संचालित की जा चुकी हैं। अब 40 नई गोल्फ कार्ट जुड़ने के बाद माल रोड पर कुल 54 गोल्फ कार्ट सेवा देंगी।


वर्ष दिसंबर 2024 में गोल्फ कार्ट सेवा का शुभारंभ किया गया था। प्रथम चरण में नगर पालिका परिषद द्वारा 4 गोल्फ कार्ट चलाई गई थीं। वर्तमान में 14 गोल्फ कार्ट संचालित हैं। करीब 9 महीने की योजना, कई दौर की बैठकों और विस्तृत प्रस्तुतीकरण के बाद यह योजना धरातल पर उतरी है। खास बात यह है कि इस योजना में राजकोष पर अतिरिक्त भार नहीं डाला गया है।
स्थानीय रोजगार को सुरक्षित रखते हुए प्रशासन ने ‘2 रिक्शा चालक पर 1 गोल्फ कार्ट’ मॉडल लागू करने का निर्णय लिया है। रिक्शा चालकों को संबंधित कंपनी के विशेषज्ञों द्वारा प्रशिक्षण दिया गया है। पारंपरिक रोजगार को समाप्त करने के बजाय उसे आधुनिक स्वरूप दिया जा रहा है। आय बढ़ाने और सुरक्षित परिवहन उपलब्ध कराने पर जोर दिया गया है। इस मॉडल से रिक्शा चालकों की आजीविका सुरक्षित रहेगी और उन्हें बेहतर आय के अवसर मिलेंगे।


माल रोड पर बढ़ते वाहनों के दबाव को देखते हुए वाहनों के आवागमन पर नियंत्रण लागू किया गया है। अब गोल्फ कार्ट को प्राथमिक परिवहन माध्यम के रूप में विकसित किया जा रहा है। इस पहल से मसूरी में ट्रैफिक जाम से राहत मिलेगी।
प्रदूषण में कमी आएगी। पर्यटकों को सुरक्षित और सुगम आवागमन सुविधा मिलेगीं स्थानीय नागरिकों को आधुनिक परिवहन व्यवस्था उपलब्ध होगी। जिला प्रशासन की यह पहल मसूरी को एक आधुनिक, पर्यावरण अनुकूल और सुव्यवस्थित पर्यटन शहर के रूप में स्थापित करने की दिशा में ऐतिहासिक कदम मानी जा रही है।