चम्पावत : एनएचएम में कार्यरत आउटसोर्स कर्मचारियों को दो माह से मानदेय नहीं, संगठन ने मंत्री को सौंपा ज्ञापन
चम्पावत। राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (एनएचएम) के अंतर्गत जनपद चम्पावत में आउटसोर्स कंपनी विजिलेंट सिक्योरिटी, प्लेसमेंट एंड डिटेक्टिव सर्विस के माध्यम से कार्यरत कर्मचारियों को बीते दो माह से मानदेय नहीं मिला है। इसको लेकर कर्मचारियों में रोष है। उन्होंने महिला सशक्तिकरण एवं बाल विकास मंत्री (प्रभारी मंत्री, जनपद चम्पावत) रेखा आर्या को ज्ञापन सौंपकर तत्काल हस्तक्षेप की मांग की है।
संगठन का कहना है कि मानदेय न मिलने से कर्मचारियों और उनके परिवारों पर आर्थिक संकट गहरा गया है। बच्चों की शिक्षा, आवास और चिकित्सा जैसे आवश्यक खर्चों का वहन करना मुश्किल हो रहा है। इसके साथ ही जनवरी 2025 से कर्मचारियों का ईपीएफ भी नियमित रूप से जमा नहीं किया गया, जबकि नियमों के अनुसार ईपीएफ समय पर जमा होना अनिवार्य है।
ज्ञापन में यह भी उल्लेख किया गया है कि पूर्व में संगठन द्वारा प्रशासन के माध्यम से आउटसोर्स कंपनी को पत्राचार किया गया, लेकिन अब तक न तो संतोषजनक जवाब मिला और न ही भुगतान की स्थिति स्पष्ट हुई। संगठन ने इसे कर्मचारियों के साथ अन्याय बताते हुए कहा कि सामाजिक सुरक्षा से वंचित रखना न केवल अमानवीय है बल्कि कर्मचारियों के मनोबल पर भी प्रतिकूल प्रभाव डालता है।
संगठन ने मांग की है कि दो माह का लंबित मानदेय तत्काल प्रभाव से जारी कराया जाए। जनवरी 2025 से लंबित ईपीएफ की राशि शीघ्र जमा कर उसकी लिखित पुष्टि कर्मचारियों को दी जाए। भविष्य में इस प्रकार की स्थिति न बने, इसके लिए आउटसोर्स कंपनी के विरुद्ध नियमानुसार कड़ी कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। संगठन के अध्यक्ष चन्द्र मोहन लडवाल और महासचिव दिनेश थ्वाल ने विश्वास जताया कि मंत्री द्वारा इस संवेदनशील विषय को प्राथमिकता देते हुए त्वरित निर्णय लिया जाएगा, जिससे कर्मचारियों को राहत मिल सकेगी। इस संबंध में ज्ञापन की प्रतिलिपि मिशन निदेशक एनएचएम उत्तराखंड, जिलाधिकारी चम्पावत सहित संबंधित अधिकारियों को भी भेजी गई है।

