पूर्णागिरि मेला : टैक्सी संचालकों ने किया विरोध प्रदर्शन
जिला पंचायत के विरुद्ध की जमकर नारेबाजी, आत्मदाह की दी चेतावनी
टनकपुर/चम्पावत। पूर्णागिरि मेले में ठूलीगाड़ से भैरव मंदिर के बीच टैक्सी संचालन में टेंडर प्रक्रिया को लेकर इस वर्ष भी विवाद उत्तपन हो गया है। जिला पंचायत द्वारा सटल सेवा के नाम पर टेंडर प्रक्रिया किये जाने से पूर्णागिरि टैक्सी स्वामी भड़क उठे हैं। उन्होंने टनकपुर तहसील के प्रांगण में जिला पंचायत के विरुद्ध जमकर नारेबाजी की। जिसके बाद बनबसा में आयोजित जन-जन की सरकार जन-जन के द्वार शिविर में पहुंचकर जिलाधिकारी मनीष कुमार को टेंडर प्रक्रिया निरस्त किए जाने के सम्बन्ध में ज्ञापन सौंपा।

गौरतलब है की पिछले वर्ष पूर्णागिरि मेले में जिला पंचायत द्वारा सटल सेवा के नाम पर किये गए टेंडर को निरस्त कराने के लिए टैक्सी यूनियन अध्यक्ष नें उच्च न्यायलय की शरण ली थी। जिसमें उच्च न्यायालय द्वारा टैक्सी वाहनों का बीना रोक टोक के संचालन किये जाने और टेंडर के नाम पर अतिरिक्त शुल्क टैक्सी वाहनों वसूलने पर रोक लगाते हुए टेंडर स्थगित किये जाने के आदेश जारी किये गए थे। वहीं एक फिर इस वर्ष मां पूर्णागिरि मेले में जिला पंचायत द्वारा किये जा रहे सटल सेवा के अंतर्गत टेंडर प्रक्रिया का विरोध शुरू हो गया है। यूनियन अध्यक्ष मदन कुमार ने जिला पंचायत द्वारा किए जा रहे टेंडर को टैक्सी वाहन स्वामियों का शोषण बताते हुए आत्मदाह की चेतावनी दी है।
टैक्सी यूनियन अध्यक्ष मदन कुमार ने जिला पंचायत पर आरोप लगाते हुए बताया की टैक्सी वाहनों द्वारा रोड टैक्स जमा किये जाने के बावजूद भी जिला पंचायत द्वारा पूर्णागिरि मेले में ठूलीगाड़ से भैरव मंदिर तक चलने वाले वाहनों से टेंडर के नाम पर अवैध वसूली किये जाने की प्रक्रिया की जा रही है, जबकि उक्त मार्ग लोक निर्माण विभाग का है। उन्होंने बताया कि पिछले वर्ष जिला पंचायत द्वारा किये गए सटल सेवा टेंडर पर उच्च न्यायलय द्वारा रोक लगा दी गई थी। वहीं अब इस वर्ष फिर जिला पंचायत नें टेंडर प्रक्रिया प्रारम्भ कर दी है। जिससे टैक्सी स्वामियों का शोषण होना तय है। टैक्सी स्वामियों नें टेंडर का विरोध जताते हुए सटल सेवा टेंडर प्रक्रिया को निरस्त किये जाने की मांग उठाई है। यूनियन अध्यक्ष ने मांग पूरी ना होने पर आत्मदाह के साथ उग्र आंदोलन की चेतावनी दी। जिलाधिकारी मनीष कुमार नें बताया मां पूर्णागिरि मेले को शांतिपूर्ण तरीके से संचालित किये जाने को लेकर प्रशासन पूरी तरह प्रतिबद्ध है। टेंडर प्रक्रिया विवाद पर सभी पक्ष से वार्ता कर समस्या का निवारण किया जायेगा।

