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नेपाल की संसद के नए स्पीकर, संघर्ष की मिसाल हैं DP अर्याल

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काठमांडू/नेपाल। रेस्टोरेंट में बर्तन धोने वाले मजदूर से नेपाल की प्रतिनिधि सभा के 10वें स्पीकर बनने तक का डोल प्रसाद (DP) अर्याल का सफर संघर्ष और सफलता की एक मिसाल है। राष्ट्रीय स्वतंत्र पार्टी के नेता अर्याल 5 अप्रैल 2026 को निर्विरोध स्पीकर चुने गए, जो पिछले 18 वर्षों में यह पद संभालने वाले पहले गैर-कम्युनिस्ट नेता हैं।

डोल प्रसाद (DP) अर्याल का सफर वाकई संघर्ष और अटूट संकल्प की एक प्रेरणादायक कहानी है। डोल प्रसाद अर्याल का जन्म 22 अगस्त 1974 (6 भाद्र 2031 BS) को नेपाल के धादिंग (Jwalamukhi Rural Municipality) में एक किसान परिवार में हुआ था। वर्ष 1992 (2049 BS) में वह रोजगार की तलाश में काठमांडू आए। अपने शुरुआती दिनों में उन्होंने एक रेस्टोरेंट में मजदूर और बर्तन धोने का काम किया। इसके बाद उन्होंने कुछ समय तक टूरिस्ट गाइड के रूप में भी काम किया। वर्ष 1996 (2053 BS) में अर्याल वैदेशिक रोजगार के लिए जापान चले गए, जहां उन्होंने लगभग 8 साल तक काम किया और अपनी पढ़ाई भी जारी रखी।

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नेपाल लौटने के बाद उन्होंने पर्यटन, शिक्षा और प्रेषण (remittance) क्षेत्रों में निवेश किया। वह ईजीलिंक रेमिटेंस (EasyLink Remittance) के CEO बने और कई शैक्षणिक संस्थानों (जैसे सुमिरे टूर्स, योकोहामा जापानी लैंग्वेज एकेडमी) से जुड़े।
अर्याल राष्ट्रीय स्वतंत्र पार्टी (RSP) के संस्थापक सदस्य और वर्तमान उपाध्यक्ष हैं। उन्होंने राजनीति में औपचारिक प्रवेश केवल 3-4 साल पहले किया था। स्पीकर बनने से पहले वह दो बार नेपाल के श्रम, रोजगार और सामाजिक सुरक्षा मंत्री के रूप में सेवा दे चुके हैं। 2026 के आम चुनावों में वह काठमांडू-9 निर्वाचन क्षेत्र से भारी मतों से सांसद चुने गए। 5 अप्रैल 2026 को वह 18 वर्षों में पहले गैर-कम्युनिस्ट स्पीकर बनकर इतिहास रचने में सफल रहे।

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