खटीमा : थारू जनजाति की प्रथम लोक गायिका रिंकू राणा की दर्दनाक मौत, ईंटों से लदे ट्रैक्टर-ट्रॉली ने कुचला
खटीमा। थारू जनजाति समाज की प्रथम लोक गायिका के रूप में पहचान बना रही नानकमत्ता निवासी रिंकू राणा को एक ट्रैक्टर ट्राली ने रौंद दिया। जिससे उनकी मौत हो गई। वह अपने मायके बिचपुरी नानकमत्ता से होली मना कर अपनी भतीजी के साथ स्कूटी से लौट रही थीं। लोकगायिका के निधन पर सीएम पुष्कर सिंह धामी ने व विधानसभा में उप नेता प्रतिपक्ष भुवन कापड़ी ने गहरा दुख जताया है।
खटीमा के बंटी राणा सांस्कृतिक दल से जुड़ी नानकमत्ता के नौगजा नानकमत्ता निवासी थारू जनजाति की उभरती लोक गायिका रिंकू राणा का नानकमत्ता इलाके में गुरुवार को सड़क दुर्घटना में निधन हो गया। वह होली मनाने अपने मायके बिचपुरी नानकमत्ता गई हुई थीं। वहां से स्कूटी में अपनी भतीजी के साथ लौटते समय ईंटों से भरी एक तेज रफ्तार ट्रैक्टर-ट्रॉली ने उनकी स्कूटी को जोरदार टक्कर मार दी। इस हादसे में रिंकू राणा और उनकी भतीजी गंभीर घायल हो गईं।

अस्पताल पहुंचने पर चिकित्सकों ने रिंकू राणा को जांच उपरांत मृत घोषित कर दिया। उनकी भतीजी का इलाज जारी है। रिंकू राणा के शव को पोस्टमार्टम के लिए खटीमा उपजिला अस्पताल लाया गया। रिंकू राणा की ससुराल नानकमत्ता के ही पूरनगढ़ नौगला थी। रिंकू राणा उम्र 36 वर्ष थी। वह अपने पीछे अपने 9 साल के बेटे निशांत सिंह एवं पति महेश सिंह को छोड़ गई हैं। रिंकू राणा थारू जनजाति के लोक कलाकार बंटी राणा के सांस्कृतिक दल के साथ राज्य स्तरीय कार्यक्रमों में प्रस्तुति देती थीं। बंटी राणा के साथ दल प्रमुख भी थीं। लोक कलाकार रिंकू राणा के निधन से उनके परिजनों और थारू जनजाति समाज के लोक कलाकारों में शोक का माहौल है। सीमांत क्षेत्र के थारू जनजाति समाज की उभरती हुई लोक गायिका रिंकू राणा के आकस्मिक निधन पर प्रदेश के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी, खटीमा विधायक एवं उपनेता प्रतिपक्ष भुवन कापड़ी ने शोक जताया है। उनके असमय मृत्यु को एक बड़ी क्षति बताया है।

