चम्पावत जिले के लधियाघाटी क्षेत्र में हुई है भयंकर ओलावृष्टि
फसलों को पहुंचा भारी नुकसान, काश्तकार चिंतित
चम्पावत। आज रविवार पांच अप्रैल को चम्पावत जनपद में तेज बारिश व ओलावृष्टि हुई। जहां अन्य क्षेत्रों में तेज बारिश हुई वहीं लधियाघाटी क्षेत्र में भयंकर ओलावृष्टि हुई। जिससे काश्तकारों को खासा नुकसान पहुंचा है। बारिश की वजह से अप्रैल माह में भी कड़ाके की ठंड का अहसास हो रहा है।
लधियाघाटी में कुदरत का कहर, भयंकर ओलावृष्टि से फसलें तबाह, काश्तकारों के चेहरे पर मायूसी
चम्पावत। जनपद के लधियाघाटी क्षेत्र में आज रविवार, 5 अप्रैल को प्रकृति ने भारी तबाही मचाई है। क्षेत्र में हुई भीषण ओलावृष्टि ने किसानों की मेहनत पर पानी फेर दिया है, जिससे पूरी घाटी में काश्तकार बेहद चिंतित और परेशान हैं।

खेतों में बिछी ओलों की सफेद चादर …
रविवार दोपहर बाद अचानक मौसम ने करवट ली। जहां जनपद के अन्य हिस्सों में तेज बारिश दर्ज की गई, वहीं लधियाघाटी क्षेत्र में जमकर ओले गिरे। देखते ही देखते खेतों और रास्तों पर ओलों की सफेद चादर बिछ गई। इस बेमौसम ओलावृष्टि ने नकदी फसलों, फलों और साग-सब्जियों को भारी नुकसान पहुँचाया है। काश्तकारों का कहना है कि तैयार फसलों के नष्ट होने से उनके सामने आर्थिक संकट खड़ा हो गया है।
अप्रैल में जनवरी जैसी ठंड…
बारिश और ओलावृष्टि के कारण तापमान में भारी गिरावट दर्ज की गई है। अप्रैल के महीने में भी स्थानीय लोगों को कड़ाके की ठंड का अहसास हो रहा है। लोग दोबारा गर्म कपड़े निकालने को मजबूर हो गए हैं।
काश्तकार मांग रहे मुआवजा…
फसलों की बर्बादी देख क्षेत्र के किसानों में मायूसी है। प्रभावित काश्तकारों ने शासन-प्रशासन से नुकसान का उचित आकलन कराकर जल्द से जल्द मुआवजे की मांग की है, ताकि उन्हें इस प्राकृतिक आपदा से कुछ राहत मिल सके। मौसम विभाग ने अगले कुछ घंटों तक क्षेत्र में सतर्क रहने की सलाह दी है।

