सीएम धामी के निर्देश पर चम्पावत के 17 परिवारों को मिली ₹48.00 लाख की सहायता
चम्पावत। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में राज्य सरकार द्वारा प्राकृतिक आपदाओं से प्रभावित नागरिकों को त्वरित राहत एवं पुनर्वास उपलब्ध कराना सर्वोच्च प्राथमिकता है। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को आपदा पीड़ित परिवारों को शीघ्र सहायता प्रदान करने के स्पष्ट निर्देश दिए हैं।
मुख्यमंत्री की प्राथमिकताओं के अनुरूप जनपद चम्पावत में मानसून अवधि-2025 के दौरान 05 अगस्त 2025 के उपरांत प्राकृतिक आपदा से पूर्ण रूप से क्षतिग्रस्त हुए आवासीय भवनों के प्रभावित स्वामियों को बड़ी राहत प्रदान की गई है। जिलाधिकारी मनीष कुमार ने जानकारी देते हुए बताया कि मुख्यमंत्री राहत कोष से कुल ₹48.00 लाख (रुपये अड़तालीस लाख मात्र) की धनराशि 17 आपदा प्रभावित परिवारों के अंकित बैंक खातों में सीधे डीबीटी (डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर) के माध्यम से हस्तांतरित की गई है। इस सहायता से प्रभावित परिवारों के पुनर्वास एवं पुनर्निर्माण कार्यों में महत्वपूर्ण सहयोग प्राप्त होगा।
इस सहायता के अंतर्गत दीपा देवी, पार्वती देवी, मोहन राम, कन्हैया राम, महेश राम, कृष्णा देवी, हेमा देवी, राजेन्द्र राम, हरीश राम, भगवती देवी, रणजीत सिंह, रमेश राम, दीपक कुमार, टुमकी देवी, जगत सिंह, निर्मल चन्द्र जोशी एवं तुलादत्त जोशी को निर्धारित मानकों के अनुसार ₹1.50 लाख से ₹3.00 लाख तक की सहायता राशि प्रदान की गई है। इस अवसर पर लाभार्थी श्री रणजीत सिंह पुत्र प्रेम सिंह ने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी का आभार व्यक्त करते हुए बताया कि अगस्त माह में आपदा के दौरान उनके आवासीय भवन के क्षतिग्रस्त होने पर उन्हें तत्काल आपदा मद से ₹2.00 लाख की सहायता प्राप्त हुई थी। इसके अतिरिक्त मुख्यमंत्री के निर्देशों के क्रम में मुख्यमंत्री राहत कोष से ₹3.00 लाख की अतिरिक्त सहायता मिलने से उनके साथ साथ 16 अन्य परिवारों को भी बड़ी राहत मिली है, जिसके लिए उन्होंने मुख्यमंत्री का धन्यवाद किया।
जिलाधिकारी मनीष कुमार ने कहा कि राज्य सरकार की नीति के अनुरूप आपदा प्रभावित परिवारों को शीघ्र राहत पहुंचाना जिला प्रशासन की प्राथमिकता है। उन्होंने लाभार्थियों से अपील की कि प्राप्त सहायता राशि का सदुपयोग अपने आवासीय भवनों के पुनर्निर्माण कार्यों में करें तथा किसी भी आवश्यकता अथवा समस्या के समाधान हेतु जिला प्रशासन से निरंतर संपर्क बनाए रखें।

