उत्तराखंड : BCA छात्रा की छात्रा रह रही थी लिव-इन रिलेशनशिप, प्री-मेच्योर डिलीवरी के बाद मौत
देहरादून: देहरादून में लिव-इन रिलेशनशिप में रह रही बीसीए की एक छात्रा की प्री-मेच्योर डिलीवरी के कुछ दिन बाद संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। इस घटना के बाद इलाके में सनसनी फैल गई है। पुलिस के अनुसार छात्रा और उसका प्रेमी न तो यूनिफॉर्म सिविल कोड (UCC) पोर्टल पर पंजीकृत थे और न ही उनके परिजनों को उनके साथ रहने की जानकारी थी।
पुलिस के अनुसार मृतक छात्रा मूल रूप से खटीमा, जिला ऊधमसिंहनगर की रहने वाली थी। वह देहरादून के सुभाषनगर स्थित एक यूनिवर्सिटी से बीसीए तृतीय वर्ष की पढ़ाई कर रही थी। छात्रा अपने ही क्षेत्र के एक युवक के साथ देहरादून में लिव-इन रिलेशनशिप में रह रही थी।छात्रा का प्रेमी मनीष भी उसी यूनिवर्सिटी से बीएससी न्यूट्रीशन साइंस की पढ़ाई कर चुका है। दोनों लंबे समय से साथ रह रहे थे, लेकिन उन्होंने इस संबंध की जानकारी अपने परिजनों को नहीं दी थी। पुलिस के मुताबिक, लिव-इन संबंध को लेकर किसी भी तरह का आधिकारिक पंजीकरण भी नहीं कराया गया था।
पुलिस जांच में सामने आया है कि छात्रा गर्भवती थी और कुछ दिन पहले उसकी आठ महीने में सिजेरियन प्री-मेच्योर डिलीवरी हुई थी। नवजात शिशु की हालत गंभीर होने के कारण उसे एनआईसीयू में भर्ती कराया गया है, जहां उसका इलाज चल रहा है। रविवार को छात्रा की तबीयत अचानक बिगड़ गई। प्रेमी उसे तुरंत अस्पताल लेकर पहुंचा, जहां डॉक्टरों ने जांच के बाद उसे मृत घोषित कर दिया। मौत के कारणों को लेकर फिलहाल स्थिति स्पष्ट नहीं है, इसलिए मामले को संदिग्ध मानते हुए जांच की जा रही है।
सूचना मिलने पर सोमवार को पुलिस ने मजिस्ट्रेट की मौजूदगी में शव का पंचनामा भरकर पोस्टमार्टम कराया। पोस्टमार्टम के बाद शव को परिजनों को सौंप दिया गया। बेटी की मौत की खबर मिलते ही खटीमा से परिजन देहरादून पहुंचे, जहां उनका रो-रोकर बुरा हाल रहा। पुलिस अधिकारियों के अनुसार शुरुआती जांच में सामने आया है कि लिव-इन में रह रहे युवक और छात्रा ने यूनिफॉर्म सिविल कोड पोर्टल पर पंजीकरण नहीं कराया था। साथ ही, परिजनों को भी उनके संबंध की जानकारी नहीं दी गई थी। छात्रा के अस्पताल में भर्ती होने के बाद ही परिजनों को पूरे मामले का पता चला। फिलहाल पुलिस पूरे मामले की गंभीरता से जांच कर रही है। मौत के सही कारणों का पता पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही चल पाएगा। पुलिस यह भी जांच कर रही है कि कहीं लापरवाही या अन्य कारण तो मौत की वजह नहीं बने।

