स्टार्टअप इंडिया रैंकिंग में उत्तराखंड को मिला ‘लीडर’ का दर्जा, केंद्र सरकार ने दिया सर्टिफिकेट ऑफ एप्रिसिएशन
उत्तराखंड को स्टार्टअप इंडिया रैंकिंग में वाणिज्य और उद्योग मंत्रालय से सर्टिफिकेट ऑफ एप्रिसिएशन मिला
देहरादून। भारत सरकार के वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय के अंतर्गत उद्योग संवर्धन एवं आंतरिक व्यापार विभाग (डिपार्टमेंट फॉर प्रमोशन ऑफ इंडस्ट्री एंड इंटरनल ट्रेड- DPIIT) द्वारा जारी स्टेट्स स्टार्टअप इकोसिस्टम रैंकिंग (5वां संस्करण) में उत्तराखंड को मजबूत स्टार्टअप इकोसिस्टम विकसित करने में ‘लीडर’ के रूप में मान्यता प्रदान की गई है। इस उपलब्धि के लिए राष्ट्रीय स्टार्टअप दिवस के अवसर पर उत्तराखंड सरकार के उद्योग विभाग को सर्टिफिकेट ऑफ एप्रिसिएशन प्रदान किया गया।
इस सम्मान से यह स्पष्ट होता है कि उत्तराखंड में स्टार्टअप नीति के जरिए नवाचार, उद्यमिता, निवेश प्रोत्साहन और युवाओं को स्वरोजगार से जोड़ने में कामयाब रहा है, जिसे अब राष्ट्रीय स्तर पर सराहा जा रहा है। उत्तराखंड की उपलब्धि को राष्ट्रीय स्तर पर एक मॉडल के तौर पर भी देखा जा रहा है। राज्य की इस उपलब्धि पर सीएम पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि, यह सम्मान उत्तराखंड के लिए गर्व का विषय है। हमारी सरकार ने स्टार्टअप को बढ़ावा देने के लिए अनुकूल नीतियां, सरल प्रक्रियाएं और मजबूत इकोसिस्टम विकसित किया है। राज्य के युवाओं में नवाचार की अद्भुत क्षमता है और सरकार हर स्तर पर उन्हें सहयोग प्रदान कर रही है। यह उपलब्धि प्रदेश के सभी उद्यमियों, स्टार्टअप्स और अधिकारियों के सामूहिक प्रयास का परिणाम है।

मालूम हो कि उत्तराखंड में युवाओं को रोजगार से जोड़ने के लिए कई स्टार्टअप नीतियों के तहत सरकार प्रोत्साहन देती है। सरकार की तरफ से युवाओं को ऋण भी उपलब्ध कराया जाता है। जिसमें सब्सिडी का भी प्रावधान है। इससे युवाओं को रोजगार शुरू करने में काफी सहायता भी मिलती है। दूसरी तरफ, सरकार की ऋण और सब्सिडी वाले प्रोत्साहन के साथ कई युवाओं ने अपने गांव में ही स्टार्टअप शुरू किया है। इससे पयालन पर रोक के साथ ही युवा अन्य ग्रामीणों को भी रोजगार दे रहे हैं। पीएम मोदी भी कई बार ऐसे युवाओं से ‘मन की बात’ कार्यक्रम के तहत संवाद कर उनका मनोबल बढ़ा चुके हैं।

