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उत्तराखंड : पहली कक्षा में प्रवेश के लिए आयु सीमा में राहत

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देहरादून। नए शैक्षणिक सत्र से पहले उत्तराखंड शिक्षा विभाग ने अभिभावकों को बड़ी राहत दी है। पहली कक्षा में प्रवेश के लिए न्यूनतम आयु पूरी करने की अंतिम तिथि बढ़ाकर 30 जून कर दी गई है। पहले यह सीमा एक अप्रैल तय थी, जिसके कारण कई बच्चों को मात्र कुछ दिनों के अंतर से प्रवेश से वंचित होना पड़ता था। अब नई व्यवस्था लागू होने से बड़ी संख्या में परिवारों की चिंता कम हुई है।

नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के तहत कक्षा एक में प्रवेश के लिए बच्चे की आयु छह वर्ष निर्धारित की गई है। प्रदेश में यह नीति लागू होने के बाद अभिभावकों को आयु सीमा को लेकर दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा था। कई मामलों में बच्चे आवश्यक आयु से कुछ ही दिन कम होने के कारण प्रवेश नहीं पा सके। इसी अनुभव को देखते हुए इस बार सत्र शुरू होने से पहले ही शासन स्तर पर निर्णय लेकर अंतिम तिथि को आगे बढ़ा दिया गया है।

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अब जो बच्चे 30 जून तक छह वर्ष के हो जाएंगे, उन्हें पहली कक्षा में दाखिला मिल सकेगा। इसी प्रकार तीन वर्ष की आयु पूरी करने वाले बच्चों को नर्सरी, एलकेजी और यूकेजी में प्रवेश दिया जाएगा। शिक्षा अधिकारियों का कहना है कि इससे सरकारी और निजी विद्यालयों में प्रवेश प्रक्रिया अधिक सहज हो सकेगी और अभिभावकों को अनावश्यक परेशानियों से राहत मिलेगी।

नैनीताल के मुख्य शिक्षा अधिकारी जीआर जायसवाल ने स्पष्ट किया है कि आयु सीमा में संशोधन का उद्देश्य अभिभावकों को सुविधा देना है, लेकिन निर्धारित मानकों का पालन अनिवार्य रहेगा। फर्जी दस्तावेजों के आधार पर प्रवेश लेने की कोशिश करने वालों के खिलाफ कार्रवाई की चेतावनी भी दी गई है।