ऐपण कला से उद्यमिता की राह तलाश रहीं लोहाघाट की छात्राएं, डीएम ने थपथपाई पीठ
पारंपरिक लोककला से सजावटी उत्पाद तैयार कर रहीं अक्षरा, प्रकृति और अर्पिता; सात डिग्री कॉलेजों के 40 प्रतिशत विद्यार्थियों को उद्यमिता से जोड़ने का लक्ष्य
चम्पावत। पारंपरिक ऐपण कला को उद्यमिता से जोड़कर स्वरोजगार की राह तलाश रहीं स्वामी विवेकानंद पीजी कॉलेज लोहाघाट की छात्राओं की जिलाधिकारी मनीष कुमार ने सराहना की। उन्होंने छात्राओं को अपनी कला को और निखारने तथा उद्यमिता के क्षेत्र में आगे बढ़ने के लिए प्रोत्साहित किया।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के युवाओं को उद्यमिता और स्वरोजगार से जोड़ने के संकल्प के अनुरूप जनपद में विद्यार्थियों को अपने कौशल और रचनात्मक विचारों को उद्यम के रूप में विकसित करने के लिए प्रेरित किया जा रहा है। इसी क्रम में कॉलेज की छात्राएं अक्षरा विश्वकर्मा, प्रकृति राणा और अर्पिता राय ने देवभूमि उद्यमिता योजना के प्रोजेक्ट ऑफिसर जयेंद्र विक्रम के साथ जिलाधिकारी से शिष्टाचार भेंट की। इस दौरान छात्राओं ने ऐपण कला से तैयार सजावटी उत्पादों का प्रदर्शन किया।

जिलाधिकारी ने छात्राओं के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि ऐपण जैसी पारंपरिक लोककलाओं से जुड़े उत्पाद सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण के साथ स्वरोजगार की संभावनाओं को भी बढ़ाते हैं। स्थानीय कला और कौशल को उद्यमिता से जोड़कर युवा अपनी आजीविका के नए अवसर विकसित कर सकते हैं। उन्होंने विद्यार्थियों से अपनी रुचि और प्रतिभा के अनुरूप ऐसे प्रयासों को आगे बढ़ाने का आह्वान किया।
देवभूमि उद्यमिता योजना के प्रोजेक्ट ऑफिसर जयेंद्र विक्रम ने बताया कि जनपद के सात डिग्री कॉलेजों के लगभग 40 प्रतिशत विद्यार्थियों को उद्यमिता के प्रति जागरूक किया जा रहा है। आगामी चरण में 150 विद्यार्थियों को बूट कैंप में प्रतिभाग कराया जाएगा। इसके अलावा आईआईएम काशीपुर में छह दिवसीय प्रशिक्षण भी दिया जाएगा, जिससे विद्यार्थियों को उद्यमिता की व्यावहारिक समझ विकसित करने में मदद मिलेगी।

