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टनकपुर के सेनापानी जंगल में हाथी ने महिला को कुचलकर मार डाला, बेटा बाल-बाल बचा

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चारा और मशरूम लेने जंगल गई थी 55 वर्षीय देवकी देवी; बेटे ने हाथी को भगाने की कोशिश की तो उस पर भी दौड़ा गजराज, विधायक भुवन कापड़ी ने परिजनों को बंधाया ढांढस

टनकपुर/चम्पावत। टनकपुर के शारदा रेंज अंतर्गत सेनापानी के जंगल में हाथी के हमले में एक महिला की दर्दनाक मौत हो गई। महिला चारा और मशरूम लेने जंगल गई थी। इस दौरान हाथी ने उस पर हमला कर दिया। महिला के साथ गया उसका बेटा भी हाथी के हमले से बाल-बाल बचा। घटना के बाद क्षेत्र में दहशत का माहौल है। वन विभाग ने ग्रामीणों से जंगल में जाने से बचने और एहतियात बरतने की अपील की है।

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जानकारी के अनुसार, हल्द्वानी वन प्रभाग के टनकपुर शारदा रेंज के सेनापानी पूर्वी जुबलीगंज कक्ष संख्या-1 में 30 अक्टूबर की शाम आसपास के गांवों की कई महिलाएं मवेशियों के लिए चारा लेने गई थीं। इसी दौरान जंगल से गुजर रहे एक हाथी ने महिलाओं का पीछा करना शुरू कर दिया। हाथी ने खटीमा के श्रीपुर बिछुआ निवासी देवकी देवी (55) पत्नी जवाहर सिंह पर हमला कर दिया। हाथी ने महिला को बुरी तरह पटककर कुचल दिया, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई।

मां को हाथी के हमले से बचाने के लिए साथ गए बेटे कन्हैया ने हाथी को भगाने की कोशिश की, लेकिन हाथी उस पर भी दौड़ पड़ा। कन्हैया किसी तरह अपनी जान बचाकर वहां से भागा और वन विभाग को घटना की सूचना दी। सूचना मिलते ही वन क्षेत्राधिकारी मेधा सिंह, डिप्टी रेंजर संतोष भंडारी समेत वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची।

बनबसा पुलिस ने पंचनामा भरने के बाद शव को पोस्टमार्टम के लिए टनकपुर उप जिला अस्पताल पहुंचाया। 31 अक्टूबर की पूर्वाह्न डॉ. आफताब आलम ने शव का पोस्टमार्टम किया, जिसके बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया।

विधायक भुवन कापड़ी ने परिजनों को बंधाया ढांढस

घटना से देवकी देवी के परिवार में कोहराम मचा हुआ है। पूरे क्षेत्र में शोक और दहशत का माहौल है। 31 अक्टूबर को खटीमा विधायक भुवन कापड़ी टनकपुर उप जिला अस्पताल पहुंचे और मृतका के पति जवाहर सिंह सहित परिजनों को ढांढस बंधाया। वहीं, डीएफओ उमेश तिवारी ने घटनास्थल का निरीक्षण कर स्थिति का जायजा लिया।

हाथी के हमले से खौफ, वन विभाग की एहतियात बरतने की अपील

जंगल में हाथी के हमले से ग्रामीणों में भय व्याप्त है। वन विभाग ने ग्रामीणों से जंगल में अकेले न जाने, विशेषकर चारा और अन्य वन उपज लेने के लिए जंगल जाने से बचने तथा हाथियों की मौजूदगी वाले क्षेत्रों में सतर्कता बरतने की अपील की है।