उत्तराखंड की 12 साल की वंडर गर्ल कायरा भंडारी, टेबल टेनिस में 5 कैटेगरी में खेलेंगी नेशनल चैंपियनशिप
देहरादून। उत्तराखंड की बेटी 12 वर्षीय कायरा भंडारी टेबल टेनिस में अच्छे-अच्छों को कड़ा मुकाबला दे रही हैं। कायरा रिकॉर्ड 5 इवेंट में भाग लेकर और सभी में मेडल जीतकर देश भर में चर्चा का विषय बनी हुई हैं। अब कायरा नेशनल टेबल टेनिस चैंपियनशिप में भाग लेने जा रही हैं।
हाल ही में हरिद्वार में आयोजित उत्तराखंड स्टेट टेबल टेनिस चैंपियनशिप में कायरा ने अंडर-13 में सिल्वर, अंडर-15 और अंडर-19 में गोल्ड, अंडर-17 में ब्रॉन्ज और सीनियर वुमेंस कैटेगरी में सिल्वर मेडल जीतकर अपनी बहुमुखी प्रतिभा का परिचय दिया है। अब यह नेशनल टेबल टेनिस चैंपियनशिप (National Table Tennis Championship 2026) में पांच अलग-अलग श्रेणियों में राज्य का प्रतिनिधित्व करने जा रही हैं।

पैडलर (टेबल टेनिस खिलाड़ी) कायरा भंडारी लखनऊ में ट्रेनिंग करती हैं। उनकी मम्मी लतिका भंडारी लखनऊ में बेटी के साथ रहकर उसकी ट्रेनिंग में फुल सपोर्ट कर रही हैं। कायरा विकासनगर में इंटरनेशनल कोच पराग अग्रवाल की पैसिफिक टेबल टेनिस अकादमी में रोजाना 7 से 8 घंटे के करीब अभ्यास करती हैं। इसके साथ ही इंटरनेशनल ऑनलाइन स्कूल में पढ़ाई भी कर रही हैं।
कायरा भंडारी आने वाले 5 साल में ओलंपिक और एशियाई गेम खेलना चाहती हैं। उनकी इच्छा है कि वह गोल्ड मेडल जीतें और भारत का राष्ट्रगान बजे। तिरंगा ऊपर जाए और गर्व से उसकी सलामी लें। इसके लिए वो जी तोड़ मेहनत कर रही हैं।
कायरा भंडारी ने बताया है कि मात्र 6 साल की उम्र में उन्होंने टेबल टेनिस खेलना शुरू कर दिया था। उन्होंने अपने स्कूल में कुछ बच्चों को टेबल टेनिस खेलते देखा और वहीं से उसके अंदर रुचि जगी और यह खेल खेलना शुरू किया। कायरा ने टेबल टेनिस इस खेल की तेजी से प्रभावित होकर खेलना शुरू किया।

हाल ही में हरिद्वार में आयोजित उत्तराखंड स्टेट टेबल टेनिस चैंपियनशिप में कायरा भंडारी ने अंडर-13 में सिल्वर, अंडर-15 और अंडर-19 में गोल्ड, अंडर-17 में ब्रॉन्ज और सीनियर वुमेंस कैटेगरी में सिल्वर मेडल जीतकर अपनी बहुमुखी प्रतिभा का परिचय दिया है। एक ही प्रतियोगिता में पांच मेडल जीत कर कायरा ने 12 साल की उम्र में ही उत्तराखंड की सीनियर टीम में जगह बना ली।
12 साल की नन्ही उम्र में 5 कैटेगरी में खेलना और हर प्रतियोगिता में मेडल जीतने को लेकर कायरा ने कहा कि फाइनल मैच के दौरान उनसे थोड़ी सी चूक हो गई थी जिसकी वजह से वह दो गोल्ड मेडल चूक गईं। उन्होंने दो फाइनल जीते और दो फाइनल मैच वह हार गईं। एक सेमीफाइनल मैच में उसको हार का सामना करना पड़ा था।

कायरा भंडारी ने बताया कि वह इंटरनेशनल स्कूल में पढ़ाई करती हैं जो कि ऑनलाइन है। इसलिए स्कूल में समय देने की जरूरत नहीं पड़ती। एक निश्चित समय पर ऑनलाइन पढ़ाई होती है। इसके अलावा रोजाना ट्रेनिंग सेंटर में 7 से 8 घंटे की ट्रेनिंग करती हैं। इस तरह से पूरा दिन मैनेज हो जाता है। कोच पराग अग्रवाल का कहना है कि अच्छे खिलाड़ी पढ़ाई और खेल दोनों को अच्छे से मैनेज कर लेते हैं, उन्हें ऐसी कोई दिक्कत नहीं आती। कायरा ने बताया है कि सभी नेशनल चैंपियनशिप अलग-अलग शहरों में खेली जाएंगी। सभी की तैयारी जोरदार हैं। कोचिंग सेंटर में पूरा समय दिया जा रहा है। उनका कहना है कि नेशनल के बाद वह इंटरनेशनल टीम में जगह बनाना चाहती हैं।


