लोहाघाट नगर की 166 एकड़ नजूल भूमि के अवैध क्रय-विक्रय पर प्रशासन सख्त
स्टाम्प पेपर पर लेनदेन करने वालों के विरुद्ध होगी सख्त कानूनी कार्यवाही
चम्पावत। लोहाघाट नगर सीमा के अंतर्गत आने वाली 3320 नाली 04 मुट्ठी (लगभग 166 एकड़) भूमि के संबंध में उप जिलाधिकारी लोहाघाट नीतू डांगर ने आम जनमानस को जानकारी देते हुए बताया कि शासन द्वारा इस पूरी भूमि को ‘नजूल भूमि’ के रूप में दर्ज करने और इसका प्रबंधन नजूल नीति के अनुरूप करने की स्वीकृति प्रदान कर दी गई है।
उन्होंने स्पष्ट किया गया है कि जब तक उक्त भूमि ‘फ्रीहोल्ड’ नहीं हो जाती, तब तक इस भूमि पर काबिज किसी भी व्यक्ति को इसे हस्तांतरित करने, बेचने या खरीदने का कोई विधिक अधिकार नहीं है। उन्होंने बताया कि प्रशासन के संज्ञान में आया है कि कुछ व्यक्तियों द्वारा लोहाघाट नगर क्षेत्र की इस सरकारी नजूल भूमि को स्टाम्प पेपर के माध्यम से अवैध रूप से क्रय-विक्रय किया जा रहा है। प्रशासन ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि स्टाम्प पेपर पर सरकारी भूमि का लेनदेन पूरी तरह नियम विरुद्ध है। ऐसा कृत्य दण्डनीय अपराध की श्रेणी में आता है और इसमें संलिप्त सभी पक्षों के विरुद्ध सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
आम जनता को सूचित किया जाता है कि लोहाघाट नगर क्षेत्र की उक्त भूमि के संबंध में किसी भी प्रकार का आर्थिक लेनदेन या स्टाम्प पेपर पर क्रय-विक्रय न करें। यदि कोई व्यक्ति इस प्रकार की अवैध गतिविधियों में लिप्त पाया जाता है, तो उसके विरुद्ध नियमानुसार कठोर विधिक कार्यवाही अमल में लाई जाएगी।

