उत्तराखंड में क्रिकेट टीम बेचने के नाम पर बड़ा फर्जीवाड़ा, पूर्व विधायक समेत कईयों को बनाया शिकार
नैनीताल के हल्द्वानी में क्रिकेट टूर्नामेंट के नाम पर कई लोगों से धोखाधड़ी की गईश् पूर्व विधायक ने लाखों रुपए ठगने का आरोप लगाया
हल्द्वानी। नैनीताल के गौलापार स्थित अंतरराष्ट्रीय स्टेडियम में प्रस्तावित एपिक विक्ट्री लीग को लेकर बड़ा फर्जीवाड़ा सामने आया है। आयोजक पर क्रिकेट टीम बेचने और मैच आयोजन के नाम पर लाखों रुपये की ठगी किए जाने का आरोप लगा है। आरोप है कि पूर्व विधायक समेत अन्य लोगों से आयोजकों द्वारा टीम ऑनर के नाम पर मोटा पैसा लिया गया है। पुलिस ने आयोजक विकास ढाका को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है।

हल्द्वानी के अंतरराष्ट्रीय स्टेडियम में 3 फरवरी से आयोजकों द्वारा एपिक विक्ट्री लीग क्रिकेट मैच का आयोजन किया जाना था। जिसमें पूर्व भारतीय क्रिकेटरों समेत कई खिलाड़ी प्रतिभाग करने वाले थे। 6 टीमों के बीच 14 मैच खेले जाने थे। 3 फरवरी की शाम से खेल का शुभारंभ होना था, लेकिन किन्हीं कारणों से टूर्नामेंट शुरू नहीं हो पाया। इस दौरान दर्शकों ने स्टेडियम के गेट पर जमकर हंगामा भी किया। हालांकि, आयोजकों ने उस वक्त कुछ दिनों में जल्द ही लीग शुरू करने का दावा करके हंगामे को शांत किया। लेकिन स्टेडियम में लगाई गई लाइट और अन्य व्यवस्थाओं को हटाने के बाद लोगों को ठगी का एहसास हुआ।
आज गुरुवार को पूर्व विधायक नारायणपाल समेत कई लोगों ने एसएसपी मंजू नाथ टीसी से मुलाकात कर बताया कि हल्द्वानी के अंतरराष्ट्रीय स्टेडियम में कुछ लोगों द्वारा एपिक विक्ट्री लीग क्रिकेट मैच का आयोजन किया जा रहा था। आयोजक द्वारा उनसे टीम ऑनर के रूप में लाखों रुपए लिए गए। पूर्व विधायक नारायण पाल ने बताया कि क्रिकेट लीक आयोजकों द्वारा टीम ऑनर के नाम पर उनसे भी तीन लाख रुपए लिए गए।

आयोजकों ने बताया था कि लीग में पूर्व क्रिकेटरों समेत युवा क्रिकेटरों को टीम में शामिल किया गया है। अब आयोजक गायब हो गए हैं। उन्होंने कहा कि आयोजकों द्वारा उन्हें गुमराह कर लाखों रुपए ठगे हैं। उन्होंने आयोजकों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है। शिकायत पर पुलिस ने एक आयोजक को हिरासत में लेते हुए पूछताछ शुरू कर दी है।
एसएसपी मंजूनाथ टीसी ने बताया कि हल्द्वानी के अंतरराष्ट्रीय स्टेडियम में एपिक विक्ट्री क्रिकेट लीग के नाम पर आयोजकों द्वारा शहर के गणमान्य लोगों से पैसा लेने की सूचना मिली है। गणमान्य लोगों द्वारा लिखित शिकायत दी जा रही है। जिसके बाद मामले की जांच कर आगे की कार्रवाई की जाएगी।

