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क्रैश बैरियर से टकराई बुलेट, पीछे बैठा सवार खाई में गिरकर मरा

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दोस्त की बर्थडे पार्टी से लौट रहे थे दोस्त, भद्यूनी मोड़ पर चालक ने खोया तेज रफ्तार बुलेट से नियंत्रण

हल्द्वानी। देर रात भीमताल से दोस्त की बर्थडे पार्टी सेलीब्रेट कर लौट रहे बुलेट सवार दोस्त बड़े हादसे का शिकार हो गए। एक तीखे मोड़ को बुलेट चालक भांप नहीं पाया और तेज रफ्तार बुलेट सीधा क्रैश बैरियर से जा टकराई। बुलेट में पीछे बैठा युवक उछल कर गहरी खाई में जा गिरा और उसकी मौके पर ही मौत हो गई। पुलिस ने कड़ी मशक्कत के बाद शव को खाई से बाहर निकाला। इकलौते बेटे की मौत से विधवा मां सदमे में है। पुलिस ने पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों के सुपुर्द कर दिया है।

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गेठिया ज्योलीकोट निवासी ऋषभ गैड़ा (19 वर्ष) पुत्र कुंदन सिंह गैड़ा यहां अपनी मां किरन के साथ रहता था। जब ऋषभ मां के पेट में था, तभी उसके पिता की मौत हो गई। बताया जाता है कि वह अकसर बचीनगर लामाचौड़ में रहने वाले अपने नाना-नानी के घर रहता था। मसूरी के एक होटल में काम करने वाला ऋषभ कुछ दिन पहले दीपावली की छुट्टी लेकर घर आया था। शनिवार को वह अपने नाना-नानी के घर पर था।

उसने परिजनों को बताया कि उसके एक दोस्त का बर्थडे है और वो भीमताल जा रहा है। जिसके बाद ऋषभ अपने दोस्त मयंक के साथ बुलेट पर सवार होकर निकल पड़ा। रात करीब साढ़े 11 बजे दोनों भीमताल की ओर जा रहे थे। बुलेट मयंक चला रहा था। दोनों अभी नैनीताल रोड पर गुलाबघाटी के पास स्थित भद्यूनी मोड़ के पास पहुंचे थे कि तभी बुलेट अनियंत्रित होकर क्रैश बैरियर जा कर टकरा गई। टक्कर इतनी तेज थी कि बुलेट पर पीछे बैठा ऋषभ उछल कर गहरी खाई में जा गिरा।

लोगों ने घटना की सूचना डायल 112 पर दी। कुछ ही देर में भीमताल पुलिस मौके पर पहुंच गई। करीब आधा घंटा की कड़ी मशक्कत के बाद ऋषभ को लगभग मरणासन्न अवस्था में लहूलुहान हालत में खाई से बाहर निकाल कर अस्पताल पहुंचाया। अस्पताल में चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया। हादसे में मयंक के सिर में चोट आई है, लेकिन वह ठीक बताया जा रहा है। बताया ये भी जा रहा है कि बुलेट पर सफर करते वक्त दोनों युवकों के पास हेलमेट नहीं था। मल्ला काठगोदाम चौकी प्रभारी दिलीप कुमार ने बताया कि पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों के सुपुर्द कर दिया है।

मां आंगनबाड़ी कार्यकत्री, नाना-नानी संग मिलकर पाला

ऋषभ की मां किरन आंगनबाड़ी कार्यकत्री हैं। 18 साल पहले तब ऋषभ के पिता कुंदन की मौत हो गई थी, जब ऋषभ मां के पेट में था। जैसे-तैसे किरन ने अपने माता-पिता यानी ऋषभ के नाना-नानी के साथ मिलकर उसे पाला और पढ़ाया। कुछ महीने पहले ही होटल मैनेजमेंट का कोर्स पूरा कर ऋषभ की मसूरी में एक होटल में नौकरी लगी थी। इस बात से परिजन खुश थे कि अब उनका बेटा कमाने लगा है, लेकिन शनिवार को हुए हादसे में सारी खुशियां काफूर हो गईं।

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