चम्पावत : जनपद विकास के रोडमैप पर मंडलायुक्त का जोर, अधिकारियों को सौंपे आवश्यक कार्यादेश
कुमाऊं कमिश्नर ने कलक्ट्रेट परिसर में स्थापित किए गए स्टॉलों का निरीक्षण करने के साथ ही स्वयं सहायता समूहों, पशुपालकों एवं उद्यान विभाग के लाभार्थियों से संवाद किया
चम्पावत। मंडलायुक्त एवं मुख्यमंत्री के सचिव दीपक रावत की अध्यक्षता में आज शुक्रवार को जिला सभागार में महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक से पहले आयुक्त ने कलक्ट्रेट परिसर में स्थापित विभागीय स्टॉलों का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने स्वयं सहायता समूहों, पशुपालकों एवं उद्यान विभाग के लाभार्थियों से संवाद किया। निरीक्षण के दौरान उद्यान विभाग के लाभार्थी हरीश चंद्र जोशी द्वारा उत्पादित शहद का स्वाद लेते हुए उसकी गुणवत्ता की सराहना की। वहीं, जनपद की प्रतिभाशाली कलाकार अपर्णा पनेरू की ऐपण कला को भी उन्होंने विशेष रूप से प्रशंसित किया। इसके उपरांत एक पेड़ माँ के नाम अभियान के तहत आयुक्त ने कलक्ट्रेट परिसर में पौधरोपण किया। नशा मुक्ति अभियान के प्रति जागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से आयुक्त ने जिला सभागार में डिजिटल संकल्प लिया तथा डिजिटल हस्ताक्षर कर अपनी सहभागिता दर्ज कराई।

बैठक के दौरान अष्टम बोर्ड, जनपदीय नवाचार, मुख्यमंत्री घोषणाएं, केंद्र-राज्य एवं जनपदीय व्यय, गोल्ज्यू कॉरिडोर, शारदा कॉरिडोर तथा चम्पावत मास्टर प्लान 2041 सहित विविध विषयों पर विस्तार से चर्चा हुई। जिलाधिकारी ने जनपद के लिए प्रस्तावित राष्ट्रीय ध्वज स्थापना (मेन मार्केट), ग्रीन पार्क निर्माण, कुमाऊँनी शैली में घंटाघर निर्माण तथा टनकपुर तिराहा सौंदर्यीकरण से संबंधित प्रस्ताव आयुक्त के समक्ष प्रस्तुत किए। आयुक्त ने जिला विकास प्राधिकरण द्वारा संचालित निर्माण कार्यों की प्रगति, लागत एवं वर्तमान स्थिति की जानकारी भी प्राप्त की।

जिलाधिकारी ने मंडलायुक्युत को जनपद में चल रहे प्रमुख नवाचारों की जानकारी एक साथ प्रस्तुत करते हुए बताया कि जनपद में शिक्षा, तकनीक, आजीविका व पर्यटन को सुदृढ़ करने हेतु कई प्रभावी पहलें संचालित की जा रही हैं। इनमें पुराने जीर्ण-शीर्ण भवनों को आधुनिक ‘ज्ञान केंद्र’ के रूप में विकसित करना, ज्ञान सेतु के माध्यम से शिक्षा को तकनीक से जोड़ना, खनन न्यास निधि से संचालित लैब ऑन व्हील्स एवं कंप्यूटर ऑन व्हील्स द्वारा विज्ञान व डिजिटल शिक्षा को गाँव-गाँव तक पहुँचाना शामिल है।




इसके साथ ही आंगनबाड़ी केंद्रों में स्मार्ट टीवी स्थापना कर प्रारंभिक शिक्षा को आधुनिक स्वरूप दिया गया है। जनपद के मेधावी युवाओं को अवसर प्रदान करने हेतु पेस कोचिंग संस्था के सहयोग से IIT व मेडिकल की निशुल्क कोचिंग उपलब्ध कराई जा रही है। महिलाओं की आजीविका व स्थानीय उत्पादों को बढ़ावा देने के लिए हिलान्स कैफ़े स्थापित किए गए हैं, जबकि पर्यटन आधारित रोजगार को गति देने हेतु जनपद में पैराग्लाइडिंग केंद्रों का विकास किया गया है। आयुक्त दीपक रावत ने इन सभी नवाचारों की प्रशंसा करते हुए कहा कि चम्पावत द्वारा किए गए ये प्रयास अन्य जनपदों के लिए भी प्रेरणादायक व अनुकरणीय उदाहरण हैं।



आयुक्त ने SARRA, मुख्यमंत्री घोषणाएं, स्वदेश दर्शन 2.0, गोल्ज्यू एवं शारदा कॉरिडोर सहित विभिन्न परियोजनाओं की अद्यतन स्थिति की समीक्षा कर अधिकारियों को आवश्यक एवं त्वरित कार्यवाही के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री की मंशानुसार जनपद में सभी विकास कार्यों व नवाचारों को समयबद्धता, गुणवत्ता और प्राथमिकता के साथ पूरा किया जाए। इस दौरान जिलाधिकारी मनीष कुमार, पुलिस अधीक्षक अजय गणपति, मुख्य विकास अधिकारी डॉ. जीएस खाती सहित सभी जिला स्तरीय अधिकारी उपस्थित रहे।

