लोहाघाट में भूस्खलन से जान गंवाने वाली सावित्री देवी के परिवार को 4 लाख की सहायता
मटियानी के जंगल में घास काटने गई थीं 49 वर्षीय सावित्री देवी, पहाड़ी से गिरे पत्थरों की चपेट में आने से हुई थी मौत; प्रशासन ने पति को दिया अनुग्रह अनुदान
लोहाघाट/चम्पावत। लोहाघाट तहसील के मटियानी गांव में भूस्खलन की चपेट में आकर जान गंवाने वाली सावित्री देवी के परिवार को जिला प्रशासन ने चार लाख रुपये की आर्थिक सहायता प्रदान की है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की त्वरित सहायता नीति के तहत जिलाधिकारी मनीष कुमार के निर्देशों पर यह सहायता राशि राज्य आपदा मोचन निधि (एसडीआरएफ) से वितरित की गई।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, 14 अक्टूबर 2026 को मटियानी गांव निवासी 49 वर्षीय सावित्री देवी पत्नी केशव सिंह गांव की अन्य महिलाओं के साथ मवेशियों के लिए घास काटने तोक खुलमारी स्थित जंगल गई थीं। सुबह करीब नौ बजे अचानक पहाड़ी से भूस्खलन हुआ और भारी पत्थरों की चपेट में आने से सावित्री देवी करीब 800 मीटर नीचे खाई की ओर जा गिरीं। हादसे में वह गंभीर रूप से घायल हो गईं। घटना के बाद ग्रामीणों ने तत्परता दिखाते हुए उन्हें उप जिला चिकित्सालय लोहाघाट पहुंचाया, जहां चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। इसके बाद पुलिस ने नियमानुसार पंचायतनामा की कार्रवाई पूरी की और चिकित्सकों के दल ने शव का पोस्टमार्टम किया।
पंचायतनामा, पोस्टमार्टम रिपोर्ट और क्षेत्रीय राजस्व अधिकारियों की जांच आख्या के आधार पर सावित्री देवी की मृत्यु प्राकृतिक आपदा से होना पुष्ट हुआ। इसके बाद प्रशासन ने आपदा मानकों के तहत मृतका के पति केशव सिंह को चार लाख रुपये का अनुग्रह अनुदान वितरित किया।
उपजिलाधिकारी लोहाघाट नीतू डागर के मार्गदर्शन में पूरी की गई इस कार्रवाई से आपदा में अपना परिजन खो चुके परिवार को आर्थिक संबल मिला है। जिला प्रशासन ने आपदा प्रभावित परिवार को नियमानुसार सहायता उपलब्ध कराने की कार्रवाई की।

