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हल्द्वानी हादसा: पिता की कार लेकर निकले 16 और 17 वर्षीय किशोरों की मौत, JEE के सपने रह गए अधूरे

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तीनपानी फ्लाईओवर पर डिवाइडर से टकराकर पलटी कार, दो दोस्तों की गई जान; दो छात्राएं घायल, एक घर का इकलौता बेटा था उत्कर्ष

हल्द्वानी। हल्द्वानी के तीनपानी स्थित गौला फ्लाईओवर पर हुए भीषण सड़क हादसे में दो किशोरों की मौत से उनके परिवारों पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। हादसे में जान गंवाने वाले 16 वर्षीय उत्कर्ष धपोला और 17 वर्षीय सिद्धांत पाठक की दोस्ती गहरी थी। दोनों साथ में कोचिंग करते थे और इंजीनियर बनने के लिए जेईई की तैयारी कर रहे थे। बेहतर भविष्य के सपने संजो रहे दोनों दोस्तों की जिंदगी एक दर्दनाक हादसे में खत्म हो गई।

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जानकारी के अनुसार, मुखानी क्षेत्र के ऊंचापुल निवासी उत्कर्ष धपोला शुक्रवार शाम अपने पिता की कार लेकर निकला था। कार में उसके साथ देवलचौड़ निवासी सिद्धांत पाठक और उनकी दो अन्य दोस्त भाविका व प्रांजया मारवाड़ी भी सवार थीं। चारों काठगोदाम से लालकुआं की ओर जा रहे थे। इसी दौरान तीनपानी के पास गौला फ्लाईओवर पर कार अनियंत्रित होकर डिवाइडर से टकरा गई और सड़क पर पलट गई। हादसे में चारों किशोर गंभीर रूप से घायल हो गए। उन्हें तत्काल अस्पताल पहुंचाया गया, जहां उत्कर्ष और सिद्धांत की मौत हो गई। दोनों घायल छात्राओं का उपचार जारी है।

प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, टक्कर के बाद कार सड़क पर काफी दूर तक घिसटती चली गई और कई बार पलटी। हादसे की भयावहता का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि कार की छत बुरी तरह पिचक गई थी। स्थानीय लोगों के अनुसार, कार की रफ्तार काफी अधिक थी। हालांकि, हादसे के कारणों और वाहन की गति की आधिकारिक पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी।

उत्कर्ष था परिवार का इकलौता बेटा

उत्कर्ष धपोला की मौत ने उसके परिवार को गहरे सदमे में डाल दिया है। वह अपने माता-पिता का इकलौता बेटा था। उसके पिता शैलेंद्र ने हाल ही में कार खरीदी थी। करीब एक साल पहले परिवार बागेश्वर से हल्द्वानी आकर ऊंचापुल में बसा था। बेटे के भविष्य को लेकर परिवार ने कई सपने संजोए थे, लेकिन हादसे ने सब कुछ उजाड़ दिया।

सिद्धांत के परिवार पर दूसरी बार टूटा दुखों का पहाड़

सिद्धांत पाठक दो भाइयों में छोटा था। उसके पिता रवि मोहन पाठक रानीखेत में इंजीनियर हैं। परिवार अभी करीब एक महीने पहले दादा के निधन के दुख से उबर भी नहीं पाया था कि सिद्धांत की असमय मौत ने उन्हें फिर गहरे शोक में डुबो दिया। सिद्धांत की मां पुष्पलता पाठक के अनुसार, उनका बेटा घर से यह कहकर निकला था कि वह अपने दोस्त उत्कर्ष से मिलने जा रहा है। दोनों की गहरी दोस्ती थी और वे साथ में कोचिंग करते थे। दोनों के साथ पढ़ने वाली भाविका और प्रांजया भी इस हादसे में घायल हो गईं।

चारों विद्यार्थी 12वीं में पढ़ रहे थे और जेईई की तैयारी कर रहे थे। उनकी आंखों में इंजीनियर बनने और परिवार का नाम रोशन करने के सपने थे। हादसे ने दो परिवारों की खुशियां छीन लीं और उनके दोस्तों को भी गहरे सदमे में डाल दिया। क्षेत्र में शोक का माहौल है।