चम्पावत : विद्यालयों में एंटी ड्रग कमेटियों को सशक्त करने के निर्देश
एनकॉर्ड की बैठक में डीएम ने नशा उन्मूलन को लेकर दिए सख्त निर्देश, मेडिकल स्टोर निरीक्षण बढ़ाने के आदेश
चम्पावत जनपद में एनडीपीएस मामलों में हुई 17.70 करोड़ की बरामदगी, जनजागरूकता पर जोर
चम्पावत। जनपद में चल रहे नशा उन्मूलन अभियान की प्रगति की समीक्षा, पूर्व में दिए गए निर्देशों पर की गई कार्यवाही का मूल्यांकन करने तथा मादक पदार्थों के विरुद्ध चल रहे प्रयासों को और अधिक प्रभावी एवं समन्वित बनाने को लेकर जिलाधिकारी मनीष कुमार की अध्यक्षता में नशा समन्वय समिति (NCORD) की बैठक हुई।
बैठक में बनबसा, देवीधुरा सहित अन्य प्रमुख एवं संवेदनशील स्थलों पर मेडिकल स्टोरों में औषधि निरीक्षण की कार्यवाही बढ़ाने के निर्देश दिए गए, ताकि नशीली दवाओं के अवैध उपयोग एवं बिक्री पर प्रभावी नियंत्रण किया जा सके। बैठक में बताया गया कि वर्ष 2025 में एनडीपीएस एक्ट के अंतर्गत 90 अभियोग पंजीकृत किए गए, जिनमें 144 अभियुक्तों से विभिन्न मामलों में लगभग ₹17 करोड़ 70 लाख की मादक पदार्थों की बरामदगी की गई। इसी अवधि में जनपद में चलाए गए विशेष अभियानों के तहत 2.263 किग्रा स्मैक/हीरोइन, 26.682 किग्रा चरस, 986 ग्राम अफीम, 83 इंजेक्शन एवं 5.789 ग्राम एमडीएमए जब्त की गई। साथ ही, अवैध भांग की खेती के विरुद्ध सख्त कार्रवाई करते हुए वर्ष 2025 में जनपद में 1211 नाली क्षेत्रफल में उगाई गई फसलों का विनिष्टीकरण किया गया। इसके अतिरिक्त, 15 दिसंबर 2025 से 15 जनवरी 2026 तक कुल 5 अभियोग दर्ज करते हुए 5 अभियुक्तों से 3.506 किलोग्राम चरस बरामद की गई।

बैठक में जिलाधिकारी मनीष कुमार ने कहा ‘नशे के खिलाफ जंग केवल पुलिस विभाग की नहीं, बल्कि पूरे समाज और प्रशासन की सामूहिक जिम्मेदारी है। जनजागरूकता ही इसका सबसे प्रभावी समाधान है।’ उन्होंने मुख्य शिक्षा अधिकारी को विद्यालयों में एंटी ड्रग कमेटियों को सशक्त करने के निर्देश दिए, ताकि बचपन से ही बच्चों को नशे के दुष्परिणामों के प्रति जागरूक किया जा सके।
पुलिस अधीक्षक अजय गणपति ने भांग की अवैध खेती को नष्ट करने के लिए पुलिस एवं कृषि विभाग के बीच बेहतर समन्वय से कार्य करने पर जोर दिया। उन्होंने सीमावर्ती क्षेत्रों में सतर्कता बढ़ाने, नियमित छापेमारी करने तथा मादक पदार्थों की तस्करी व अवैध बिक्री में संलिप्त व्यक्तियों पर कठोरतम कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। जिलाधिकारी ने शिक्षा, स्वास्थ्य एवं समाज कल्याण विभागों को नशा मुक्ति से संबंधित पोस्टर अभियान, नुक्कड़ नाटक, रैली एवं कार्यशालाएं नियमित रूप से आयोजित करने के निर्देश दिए।
साथ ही नशा पीड़ितों के पुनर्वास हेतु समुचित चिकित्सा एवं परामर्श सेवाएं उपलब्ध कराने पर बल दिया, ताकि प्रभावित व्यक्तियों को पुनः समाज की मुख्यधारा से जोड़ा जा सके। बैठक में सीडीओ डॉ. जीएस खाती, एडीएम कृष्णनाथ गोस्वामी, एसडीएम नीतू डागर, सीईओ मेहरबान सिंह बिष्ट सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।

