नेपाल के नेता रवि लामिछाने परिवार संग बनबसा सीमा से भारत पहुंचे, कैंचीधाम और कामाख्या मंदिर में करेंगे दर्शन
तीन दिवसीय निजी धार्मिक यात्रा पर आए राष्ट्रीय स्वतंत्र पार्टी के अध्यक्ष; काठमांडू से धनगढ़ी पहुंचे, सड़क मार्ग से कैंचीधाम के लिए हुए रवाना

बनबसा/महेंद्रनगर। नेपाल की राष्ट्रीय स्वतंत्र पार्टी (रास्वपा) के अध्यक्ष रवि लामिछाने शुक्रवार को बनबसा सीमा के रास्ते भारत पहुंचे। वह परिवार के साथ तीन दिवसीय निजी धार्मिक यात्रा पर आए हैं। इस दौरान वह उत्तराखंड के प्रसिद्ध कैंचीधाम स्थित बाबा नीम करौली महाराज के दर्शन करने के साथ ही असम के गुवाहाटी स्थित मां कामाख्या मंदिर में भी पूजा-अर्चना करेंगे। उनके साथ पत्नी निकिता पौडेल और परिवार के अन्य सदस्य भी हैं।
जानकारी के अनुसार, रवि लामिछाने शुक्रवार दोपहर हवाई मार्ग से काठमांडू से धनगढ़ी पहुंचे। यहां से वह सड़क मार्ग से बनबसा सीमा पार कर कैंचीधाम के लिए रवाना हुए। उनकी यात्रा को निजी और धार्मिक बताया जा रहा है। लामिछाने के करीबी सूत्रों के हवाले से मिली जानकारी के अनुसार, उन्होंने बाबा नीम करौली महाराज से मन्नत मांगी थी। मन्नत पूरी होने के बाद वह दर्शन के लिए भारत आए हैं। हालांकि, इस संबंध में उनकी ओर से आधिकारिक पुष्टि सामने नहीं आई है।

तीन दिवसीय यात्रा के दौरान लामिछाने परिवार के साथ कैंचीधाम में बाबा नीम करौली महाराज के दर्शन करेंगे। इसके बाद असम के गुवाहाटी स्थित मां कामाख्या मंदिर में पूजा-अर्चना का भी कार्यक्रम है। नेपाल के प्रमुख राजनीतिक नेताओं में शामिल रवि लामिछाने की इस निजी धार्मिक यात्रा के दौरान बनबसा सीमा के रास्ते भारत आगमन की चर्चा रही। फिलहाल उनकी यात्रा को राजनीतिक कार्यक्रम के बजाय व्यक्तिगत और धार्मिक दौरा बताया गया है।

