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चम्पावत सरस कॉर्बेट महोत्सव–2026 : पहली सांस्कृतिक संध्या में माया उपाध्याय और जितेंद्र तोमक्याल के साथ झूमे लोग

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टनकपुर/चम्पावत। टनकपुर स्थित केंद्रीय जल आयोग कार्यालय के समीप मैदान में आयोजित चम्पावत सरस कॉर्बेट महोत्सव – 2026 की पहली सांस्कृतिक संध्या उल्लास, उमंग और लोक-संगीत की मधुर स्वर लहरियों से सराबोर रही। रंग-बिरंगी रोशनी और हजारों दर्शकों की मौजूदगी ने महोत्सव की शुरुआत को ऐतिहासिक बना दिया।

कार्यक्रम की शुरुआत चम्पावत के इतिहास पर आधारित आकर्षक लेज़र शो से हुई, जिसने दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। भगवान विष्णु के कुर्म अवतार से लेकर आधुनिक चम्पावत की विकास यात्रा तक की कहानी को प्रकाश और ध्वनि के समन्वय से प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत किया गया। इस अद्भुत प्रस्तुति में चम्पावत की सांस्कृतिक विरासत, प्राचीन मंदिरों, लोक परंपराओं और ऐतिहासिक महत्व को जीवंत किया गया। लेज़र शो ने न केवल दर्शकों को रोमांचित किया, बल्कि जनपद की समृद्ध विरासत पर गर्व का भाव भी जागृत किया।

लेज़र शो के बाद आयोजित स्टार नाइट में कुमाऊंनी लोकसंगीत की मधुर धुनों ने माहौल को और अधिक ऊर्जावान बना दिया। जितेंद्र तोमक्याल ने अपने लोकप्रिय गीत ‘लाली हो लाली’, ‘ओ भीना कस के जानू द्वारहाटा’ और ‘हाथ पैरेली घड़ी’ की प्रस्तुति देकर युवाओं और बुजुर्गों सभी को झूमने पर मजबूर कर दिया। उनकी मधुर आवाज और मंच पर जीवंत उपस्थिति ने दर्शकों का भरपूर मनोरंजन किया।

जनपद की उभरती लोकगायिका सीमा विश्वकर्मा ने भी अपने गीतों से कार्यक्रम में नई ऊर्जा का संचार किया। स्थानीय प्रतिभा को मिले इस मंच ने दर्शकों को विशेष रूप से उत्साहित किया। इसके पश्चात प्रसिद्ध लोकगायिका माया उपाध्याय ने ‘नैनीताल की माधुली’, ‘हाई ककड़ी’ और ‘कान में डबल झुमका’ जैसे सुपरहिट गीतों की प्रस्तुति देकर पूरे मैदान को थिरकने पर विवश कर दिया। युवाओं के कदम देर रात तक लोकधुनों पर थिरकते रहे और पूरा वातावरण उत्सवमय बना रहा। 18 से 24 फरवरी तक चलने वाला यह सात दिवसीय महोत्सव जनपद की लोक संस्कृति, साहसिक पर्यटन, हस्तशिल्प, पारंपरिक व्यंजनों और स्थानीय प्रतिभाओं को एक व्यापक मंच प्रदान कर रहा है। आज 19 फरवरी की स्टार नाइट में हिमनाद बैंड, खुशी और गोविंद दिगारी चार चांद लगाएंगे।