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नैनीताल में ब्रिटिशकालीन भवन में लगी भीषण आग, लपटों को देख सहमे लोग, मच गई अफरा तफरी

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नैनीताल के ग्लेनमोर में आग लगने से ब्रिटिशकालीन भवन जलकर खाक, नशेड़ियों की गतिविधियों और शॉर्ट सर्किट दोनों एंगल से जांच जारी

नैनीताल। ग्लेनमोर इलाके में अचानक लगी भीषण आग ने एक ब्रिटिशकालीन भवन को पूरी तरह जलाकर खाक कर दिया। आग इतनी भयावह थी कि देखते ही देखते पूरा भवन धू-धू कर जलने लगा और कुछ ही देर में ऐतिहासिक निर्माण पूरी तरह राख में तब्दील हो गया। गनीमत रही कि घटना के समय भवन के अंदर कोई मौजूद नहीं था, जिससे बड़ा हादसा टल गया।

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प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, 1 मार्च को दोपहर के समय भवन से अचानक धुआं उठता दिखाई दिया। आसपास के लोगों ने तत्काल मौके पर पहुंचकर बाल्टियों और पाइप के जरिए आग बुझाने का प्रयास शुरू किया। साथ ही दमकल विभाग को भी आनन-फानन में आग लगने की सूचना दी। दमकल कर्मी तत्काल मौके पर पहुंचे और आग पर काबू पाने के प्रयास शुरू किए। आग की ऊंची लपटों के कारण पूरे क्षेत्र में अफरा-तफरी का माहौल बन गया और एहतियातन लोग अपने घरों से बाहर निकल आए. आग की लपटों को देख लोग सहम गए। जिससे आग पर काबू पाने में पसीने छूट गए।

प्रशासन की मानें तो आग लगने के वास्तविक कारणों का अभी तक पता नहीं चल पाया है। प्रारंभिक तौर पर शॉर्ट सर्किट या किसी तकनीकी खराबी की आशंका जताई जा रही है। हालांकि, इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। फिलहाल, दमकल विभाग और प्रशासन की टीम मामले की जांच में जुटी हुई है। घटना के बाद मौके पर पहुंचे स्थानीय लोगों और महिलाओं ने बताया कि भवन काफी समय से आंशिक रूप से बंद पड़ा था। इसका फायदा उठाकर कुछ नशेड़ी घर के पिछले हिस्से में बैठकर नशा किया करते थे।

स्थानीय लोगों ने आशंका जताई कि आग किसी असामाजिक तत्व ने लगाई हो। हालांकि, पुलिस और प्रशासन ने इस संबंध में अभी कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं की है। जांच के बाद ही आग लगने के असली कारणों का पता चल पाएगा। वहीं, दमकल विभाग ने पहले ही नोटिस दिया था।

1969 से रह रहा था परिवार, लौटते ही दिखा धुआं…

जिस भवन में आग लगी, उसके एक हिस्से में साल 1969 से अनिल तिवारी और दूसरे हिस्से में साल 1982 से चंद्रशेखर जोशी का परिवार रह रहा था। अनिल तिवारी ने बताया कि उनका परिवार लंबे समय से यहां निवास कर रहा था, लेकिन हाल ही में वो अपने बेटे के पास गुरुग्राम गए हुए थे।
रविवार को जैसे ही वो नैनीताल पहुंचे तो घर से धुआं निकलता दिखा। जब तक वो भवन के पास पहुंचे, तब तक आग विकराल रूप ले चुकी थी। उन्होंने बताया कि भवन के मुख्य मालिक देवी दत्त जोशी और उनका परिवार हैं, जो वर्तमान में बाहर रहते हैं। घटना की सूचना दूसरे हिस्से में रहने वाले परिवार को भी स्थानीय लोगों ने दी।

ब्रिटिशकालीन धरोहर को भारी नुकसान…

ग्लेनमोर क्षेत्र का यह भवन ब्रिटिशकालीन निर्माण शैली का महत्वपूर्ण उदाहरण माना जाता था। आग लगने से न केवल संपत्ति का भारी नुकसान हुआ, बल्कि शहर की एक ऐतिहासिक संरचना भी नष्ट हो गई। स्थानीय लोगों ने प्रशासन से पुराने और जर्जर भवनों की सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने की मांग उठाई है।