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पिथौरागढ़ विधायक ने अपने खर्च पर तारागड़ा गांव के ग्रामीणों को भेंट की नाव, ग्रामीणों के लिए लोहाघाट पहुंचना होगा आसान

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पिथौरागढ़। पिथौरागढ़ के विधायक मयूख महर ने दूरस्थ सीमांत क्षेत्र पंचेश्वर के तारागड़ा पहुंचकर ग्राम वासियों को नदी में सुरक्षित आवाजाही के लिए एक नाव भेंट की। साथ ही यात्रियों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए लाइफ जैकेट भी दी है। मालूम हो कि आपदा से क्षतिग्रस्त हुए रास्ते अब तक नहीं बने हैं। नेपाल के साथ ही चम्पावत जिले के लोहाघाट की सीमा पर बसे तारागड़ा के ग्रामीणों के लिए पैदल सफर कर बाजार पहुंचना मुश्किल हो रहा था।

पिथौरागढ़ के विधायक विधायक मयूख महर ने ग्रामीणों को पंचेश्वर नदी पार कर लोहाघाट बाजार पहुंचने के लिए नाव भेंट की है। सीमांत पिथौरागढ़ का तारागड़ा गांव लोहाघाट की सीमा पर बसा है। यहां के ग्रामीण खरीदारी, इलाज समेत अन्य कामों के लिए लोहाघाट पर बाजार पर निर्भर हैं। पिछले वर्ष आपदाकाल में यहां से लोहाघाट को जोड़ने वाला पैदल रास्ता ध्वस्त हो गया था जो अब तक नहीं बन सका है। आए दिन ग्रामीण जान जोखिम में डालकर चट्टानों के बीच आवाजाही करने के लिए मजबूर हैं। पंचेश्वर नदी पार कर लोहाघाट पहुंचा जा सकता है, इसके लिए नाव की जरूरत होती है। बीते दिनों ग्रामीणों ने अपनी इस परेशानी को विधायक मयूख महर के सामने रखा। ऐसे में विधायक ने अपने खर्च पर नाव तैयार कर इसे ग्रामीणों को सौंपा है।

विधायक मयूख महर का कहना है कि सीमांत क्षेत्र तारागड़ा को लोहाघाट से जोड़ने वाला पैदल रास्ता क्षतिग्रस्त है इसे ठीक करने की जिम्मेदारी सिस्टम ने नहीं उठाई। ग्रामीणों की दिक्कत को देखते हुए उन्हें पंचेश्वर नदी से आवाजाही करने के लिए नाव भेंट की है। जनता को परेशानी का समाधान करना मेरा दायित्व है। तारागड़ा के ग्रामीणें ने बताया है कि लोहाघाट बाजार नजदीक है और जिला पिथौरागढ़ मुख्यालय के लिए 500 रुपये से अधिक किराया चुकाना पड़ता है। ऐसे में हर काम के लिए लोहाघाट जाना पड़ता है। पैदल रास्ता क्षतिग्रस्त होने से किसी भी सामान के लिए एक तरफ का 100 रुपये किराया चुकाना पड़ रहा है। विधायक ने ग्रामीणों की परेशानी को समझते हुए उन्हें नाव के साथ ही सुरक्षा के लिए लाइफ जैकेट भी भेंट की है। अब ग्रामीण आसानी से नाव के जरिए लोहाघाट बाजार पहुंच सकेंगे।