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टनकपुर : आवाजाही वाले मार्ग को गड्ढे खोद कर रेलवे ने किया बंद, ग्रामीणों ने सीएम को ज्ञापन भेजा

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टनकपुर/चम्पावत। निकटवर्ती ग्राम मनिहारगोठ के ग्रामीणों का आवाजाही का रास्ता रेलवे ने गड्ढे खोद कर बंद कर दिया है। इससे ग्रामीणों को खासी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। परेशानहाल ग्रामीणों ने कैंप कार्यालय के माध्यम से मुख्यमंत्री को ज्ञापन भेज कर समस्या का समाधान किए जाने की मांग की है।

ग्रामीणों का कहना है कि रेलवे अंडरपास से गांव को जोड़ने वाला लगभग 50–60 वर्षों से उपयोग में आ रहा आवागमन मार्ग रेलवे ने गहरे गड्ढे खोदकर पूरी तरह बंद कर दिया है। बिना किसी पूर्व सूचना और वैकल्पिक व्यवस्था के की गई इस कार्रवाई से सैकड़ों ग्रामीणों का दैनिक जीवन प्रभावित हो गया है। ग्रामीणों का कहना है कि जब पूर्व में पटरी बिछाने के नाम पर रेलवे ने गड्ढे खोदे तब रेलवे के अधिकारियों ने खोदे गए गड्ढों पर नाली बनाकर ग्रामीणों को उसके ऊपर रास्ता दिए जाने का आश्वासन दिया था, परन्तु अपना वादा पूरा करने के बजाय अब रेल विभाग ने शेष बचे रास्ते को भी खोदना शुरू कार दिया है। ग्रामीणों का कहना है कि पहले खोदे गए गड्ढों के चलते ग्रामीणों का घरों से बाहर निकलना पहले ही मुश्किल हो रहा था और अब बचे हुए स्थान को खोदकर मार्ग पूरी तरह से ध्वस्त कर दिया जा रहा है, जिससे अब पैदल बाहर निकलना भी नामुमकिन हो रहा है।

ग्रामीणों का कहना है कि यह मार्ग कोई नया रास्ता नहीं, बल्कि दशकों से गांव की जीवनरेखा रहा है। इसी रास्ते से बच्चों का स्कूल जाना, बुजुर्गों का अस्पताल पहुँचना, महिलाओं का दैनिक कार्यों के लिए आना-जाना और किसानों का खेतों तक पहुंचना संभव होता था। मगर रास्ता बंद होने से ग्रामीणों का कोई भी कार्य कर पाना मुश्किल हो रहा है। ग्रामीणों ने बताया कि राल विभाग द्वारा खोदे गए गड्ढों के कारण बरसात के मौसम में कई ग्रामीण फिसलकर घायल हो चुके हैं, जबकि मवेशी आए दिन गड्ढों में गिरकर चोटिल हो रहे हैं।

अल्पसंख्यक युवा मोर्चा के जिला अध्यक्ष मूव्सशिर अली उर्फ गोलू, पूर्व ग्राम प्रधान अमजद हुसैन एवं वर्तमान ग्राम प्रधान शहाना खातून ने ग्रामीणों के साथ मिलकर रेलवे विभाग की कार्यवाही का विरोध किया। जनप्रतिनिधियों ने कहा कि विभाग की यह कार्यशैली पूरी तरह गैर-जिम्मेदाराना है और इसके गंभीर परिणाम हो सकते हैं। पीड़ित ग्रामीणों ने मुख्यमंत्री से इस मामले में त्वरित हस्तक्षेप की मांग की है। ग्रामीणों का कहना है कि रेलवे विभाग को तत्काल गड्ढे भरवाकर रास्ता बहाल करने और सुरक्षित वैकल्पिक मार्ग की व्यवस्था करने के निर्देश दिए जाएं, ताकि लोगों को राहत मिल सके।