लोहाघाट में रेस्क्यू एवं पुनर्वास अभियान, संदिग्ध किशोर श्रमिक को बाल संरक्षण तंत्र को सौंपा गया
चम्पावत। जिलाधिकारी मनीष कुमार के निर्देशानुसार जिला टास्क फोर्स टीम द्वारा लोहाघाट नगर क्षेत्र तथा महिला खेल विद्यालय, सुई (लोहाघाट) में रेस्क्यू एवं रिहैबिलिटेशन अभियान चलाया गया। अभियान के दौरान लगभग 150 मजदूर पाए गए, जिनका श्रम विभागीय सत्यापन उपलब्ध नहीं था। संबंधित प्रतिष्ठानों को आवश्यक अभिलेख प्रस्तुत करने तथा नियमानुसार पंजीकरण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।

कार्रवाई के दौरान एक संदिग्ध किशोर श्रमिक भी चिन्हित किया गया। किशोर को तत्काल संरक्षण में लेते हुए उसके अभिभावकों को कड़ी चेतावनी दी गई तथा अग्रिम कार्रवाई हेतु उसे बाल कल्याण समिति बाल कल्याण समिति (CWC) और चाइल्ड हेल्पलाइन 1098 के सुपुर्द किया गया, ताकि विधिक प्रावधानों के अनुरूप उसकी सुरक्षा, परामर्श एवं पुनर्वास की प्रक्रिया सुनिश्चित की जा सके। अभियान में सहायक श्रम आयुक्त सुनील तिवारी, बाल कल्याण समिति से अध्यक्ष आनंदी अधिकारी, जिला प्रोबेशन कार्यालय (DCPU) से संरक्षण अधिकारी मीनू पंत त्रिपाठी, विशिष्ट दत्तक ग्रहण अभिकरण से मैनेजर/कोऑर्डिनेटर पूजा जोशी तथा पुलिस विभाग की चीता मोबाइल टीम उपस्थित शामिल रही। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि बाल श्रम एवं असुरक्षित श्रम परिस्थितियों के विरुद्ध इस प्रकार के अभियान आगे भी नियमित रूप से संचालित किए जाएंगे, ताकि बच्चों के अधिकारों की रक्षा तथा श्रम कानूनों का प्रभावी अनुपालन सुनिश्चित किया जा सके।

