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… तो मिशन 2022 का सेमीफाइनल साबित होगा सल्ट का उप चुनाव

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अल्मोड़ा जिले की सल्ट विधानसभा क्षेत्र के लिए हो रहे उप चुनाव में भाजपा कांग्रेस पूरी ताकत झोंकने की तैया​री में हैं। कांग्रेस ने जहां गंगा पचौली को प्रत्याशी बनाया है, वहीं भाजपा ने दिवंगत विधायक सुरेंद्र सिंह जीना के भाई महेश जीना को मैदान में उतारा है। सल्ट के उप चुनाव को ​दोनों पार्टियों के लिए मिशन 2022 का सेमीफाइनल माना जा रहा है। अब देखना होगा कि सेमीफाइनल में दोनों दलों का प्रदर्शन कैसा रहता है। भले ही इस चुनाव से सरकार पर कोई फर्क नहीं पड़ रहा हो, लेकिन चुनाव जीतने वाला 2022 को लेकर मनो​वैज्ञानिक रूप से प्रदेश में बढ़त बना लेगा। यही कारण है कि कांग्रेस के सभी प्रमुख सियासी दिग्गज पार्टी प्रत्याशी गंगा पंचोली के नामांकन में सल्ट पहुंचे और अगले 15 दिनों तक वे वहीं प्रचार अभियान में जुटने वाले हैं। उधर, सत्तारूढ़ भाजपा के लिए सल्ट का समर नाक का सवाल माना जा रहा है। पार्टी ने इस सीट पर भी सहानुभूति का दांव चला है। भाजपा ने सल्ट के विधायक रहे स्वर्गीय सुरेंद्र सिंह जीना के भाई महेश जीना को उम्मीदवार बनाया है। पार्टी ने यह प्रयोग थराली और पिथौरागढ़ उपचुनाव में भी कर चुकी है। परिवार के ही सदस्य को उम्मीदवार बनाने का भाजपा का यह प्रयोग कामयाब हो चुका है। लेकिन पार्टी पूरी तरह से सहानुभूति के दांव पर निर्भर नहीं रहना चाहती। इसलिए पार्टी के केंद्रीय नेतृत्व को उम्मीदवार का नाम फाइनल करने में काफी सोच-विचार करना पड़ा। अब चुनावी नतीजा अपने पक्ष में करने के लिए भाजपा ने अपने सारे दिग्गज प्रचार मैदान में उतार दिए हैं। कांग्रेस की तुलना में भाजपा के लिए यह चुनाव ज्यादा प्रतिष्ठा का सवाल बना है। इस चुनाव में भाजपा के प्रदर्शन को उसकी सरकार के चार साल के कामकाज से जोड़कर देखा जाएगा। मुख्यमंत्री बनने के बाद तीरथ सिंह रावत के कार्यकाल का यह पहला उपचुनाव है। इसलिए उपचुनाव उनकी परीक्षा के तौर पर देखा जा रहा है। सियासी जानकारों का मानना है कि सल्ट चुनाव 2022 के विधानसभा का एक तरह से सेमीफाइनल है। इस उपचुनाव की हार और जीत की गूंज 2022 के विधानसभा चुनाव तक सुनाई देगी।

नवीन सिंह देउपा

नवीन सिंह देउपा सम्पादक चम्पावत खबर प्रधान कार्यालय :- देउपा स्टेट, चम्पावत, उत्तराखंड