बदरीनाथ और गोल्ज्यू मंदिर से आज कांग्रेस की न्याय यात्रा का आगाज, 26 को गैरसैंण पहुंचेंगे नेता
बेरोजगारी, महंगाई, भ्रष्टाचार और महिला सुरक्षा के मुद्दों पर भाजपा सरकार को घेरेगी कांग्रेस; 27 अक्टूबर को विधानसभा घेराव का ऐलान
देहरादून। उत्तराखंड में जन मुद्दों को लेकर कांग्रेस की न्याय यात्रा आज 22 अक्टूबर से शुरू होगी। गढ़वाल मंडल में चमोली जिले के बदरीनाथ धाम और कुमाऊं मंडल में अल्मोड़ा स्थित गोल्ज्यू मंदिर में पूजा-अर्चना के बाद यात्रा का शुभारंभ किया जाएगा। 22 से 26 अक्टूबर तक चलने वाली इस यात्रा के माध्यम से कांग्रेस बेरोजगारी, महंगाई, भ्रष्टाचार, महिला उत्पीड़न और बिगड़ती कानून व्यवस्था समेत विभिन्न मुद्दों को लेकर भाजपा सरकार को घेरने की तैयारी में है।
कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष गणेश गोदियाल ने बताया कि प्रदेश की ज्वलंत समस्याओं और भाजपा सरकार की नीतियों के विरोध में दोनों मंडलों में न्याय यात्रा निकाली जाएगी। यात्रा में पार्टी के वरिष्ठ नेता अपने-अपने क्षेत्रों में शामिल होंगे। कांग्रेस का कहना है कि इस अभियान के जरिए जनता की समस्याओं को सुनने के साथ ही सरकार की नीतियों और कामकाज को लेकर सवाल उठाए जाएंगे।
निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार, गढ़वाल मंडल की यात्रा बदरीनाथ धाम में पूजा-अर्चना के बाद शुरू होगी, जबकि कुमाऊं मंडल में अल्मोड़ा के गोल्ज्यू मंदिर से यात्रा का आगाज होगा। इसके बाद हरिद्वार और ऋषिकेश होते हुए यात्रा में शामिल वरिष्ठ नेता 26 अक्टूबर को गैरसैंण पहुंचेंगे। कांग्रेस ने 27 अक्टूबर को विधानसभा घेराव का कार्यक्रम भी घोषित किया है।
महंगाई-बेरोजगारी को लेकर सरकार पर निशाना
न्याय यात्रा की तैयारियों को लेकर मंगलवार को कांग्रेस भवन में चुनाव अभियान समिति के अध्यक्ष प्रीतम सिंह की अध्यक्षता में जिला और महानगर पदाधिकारियों की बैठक हुई। बैठक में यात्रा की तैयारियों और कार्यक्रम को लेकर चर्चा की गई।
प्रीतम सिंह ने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार के शासनकाल में प्रदेश की जनता महंगाई, बेरोजगारी, भ्रष्टाचार और बदहाल कानून व्यवस्था से परेशान है। उन्होंने कहा कि रोजगार की तलाश में युवा भटक रहे हैं और महिलाएं अपनी सुरक्षा को लेकर चिंतित हैं। उनके मुताबिक, भाजपा सरकार जनता से किए गए वादों को पूरा करने में विफल रही है।
कांग्रेस नेताओं ने न्याय यात्रा को जनता के अधिकारों, सम्मान और न्याय से जुड़े मुद्दों को उठाने का अभियान बताया। पार्टी का कहना है कि यात्रा के दौरान सरकार की नीतियों और कथित विफलताओं को जनता के सामने रखा जाएगा तथा विभिन्न क्षेत्रों में लोगों की समस्याएं सुनी जाएंगी। यात्रा के बाद 27 अक्टूबर को प्रस्तावित विधानसभा घेराव के जरिए इन मुद्दों को लेकर सरकार पर दबाव बनाने की रणनीति है।

