चम्पावत जिला बनाओ आंदोलन के पुरोधा त्रिलोक सिंह बोहरा नहीं रहे, शोक की लहर दौड़ी
चम्पावत। चम्पावत जिला बनाओ आंदोलन के पुरोधा व आरपीएफ के सेवानिवृत्त कंपनी कमांडर त्रिलोक सिंह बोहरा का 96 वर्ष की आयु में निधन हो गया है। उनके निधन की खबर से चम्पावत क्षेत्र के साथ ही पूरे जनपद में शोक की लहर दौड़ गई है।
भेषज संघ चम्पावत के संस्थापक अध्यक्ष हरगोविंद सिंह बोहरा ने जानकारी देते हुए बताया स्वर्गीय त्रिलोक सिंह बोहरा के पुत्र श्याम सिंह बोहरा वर्तमान में लालकुआं रेलवे स्टेशन में आरपीएफ में तैनात हैं। स्व. बोहरा का उपचार हल्द्वानी के एक निजी चिकित्सालय में चल रहा था, जहां सोमवार को उन्होंने अंतिम सांस ली। बताया कि उनके पार्थिव शव को आज 24 फरवरी के तड़के चंपावत GIC रोड स्थित आवास पर लाया गया। उनका अंतिम संस्कार आज 24 फरवरी को सुबह करीब 10 बजे डिप्टेश्वर घाट में किया जा रहा है। जहां उनके दोनों बेटे नंदन सिंह बोहरा और श्याम सिंह बोहरा चिता को मुखाग्नि देंगे।

स्व. बोहरा ने अपने सेवाकाल में रेलवे प्रोटेक्शन फोर्स में उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में इंस्पेक्टर पद पर सेवाएं दीं और कंपनी कमांडर के रूप में भी महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां निभाईं। वर्ष 1996 में सेवानिवृत्त होने के बाद उन्होंने सामाजिक और राजनीतिक जीवन में सक्रिय भूमिका निभाई। वह उत्तराखंड क्रांति दल से जुड़े और चम्पावत को जिला आंदोलन में अग्रणी भूमिका निभाई। चम्पावत संघर्ष समिति के सक्रिय सदस्य के रूप में उन्होंने अमूल्य योगदान दिया। बताया उन्होंने संकल्प लिया था कि जब तक चम्पावत जिला नहीं बनेगा, तब तक वह दाढ़ी और बाल नहीं कटवाएंगे। जिला बनने के बाद ही उन्होंने अपना संकल्प पूर्ण किया। स्व. त्रिलोक सिंह बोहरा चम्पावत क्षेत्र में एक समर्पित समाजसेवी के रूप में भी पहचाने जाते थे। जीवन के अंतिम पड़ाव में भी स्वास्थ्य समस्याओं के बावजूद वह समाज सेवा में सक्रिय रहे।
जीआईसी रोड चम्पावत के निवासी स्व. बोहरा इन दिनों लालकुआं में अपने पुत्र के सरकारी आवास पर रह रहे थे। अपने पीछे वह भरा-पूरा परिवार छोड़ गए हैं। उनके निधन से क्षेत्र में गहरा शोक व्याप्त है और विभिन्न सामाजिक व राजनीतिक संगठनों द्वारा उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की जा रही है। हरगोविंद बोहरा ने बताया उनका अंतिम संस्कार मंगलवार को चम्पावत के डिप्टेश्वर घाट में किया जाएगा।

