उत्तराखंड : ढोल दमाऊ के साथ लोनिवि कर्मियों ने किया सचिवालय कूच, पुलिस ने बैरिकेडिंग लगाकर रोका
देहरादून। प्रदेश भर से राजधानी पहुंचे लोक निर्माण विभाग के कर्मचारियों ने अपनी मांगों को लेकर ढोल दमाऊं के साथ सचिवालय कूच किया। पुलिस ने कर्मचारियों को सुभाष रोड पर सचिवालय से पहले बैरिकेडिंग लगाकर रोक दिया। रोके जाने से नाराज कर्मचारी सड़क पर ही धरने पर बैठ गये। काफी देर तक अपनी मांगों को लेकर कर्मचारियों ने प्रदर्शन किया।
उत्तरांचल लोक निर्माण विभाग मिनिस्ट्रियल संगठन के प्रांतीय अध्यक्ष विक्रम सिंह रावत ने कहा कि स्थानांतरण अधिनियम 2017 की धारा के अनुपालन में खंडीय मिनिस्ट्री कर्मचारियों के पारस्परिक स्थानांतरण के नहीं होने के कारण उन्हें राजधानी देहरादून में प्रदर्शन करने के लिए मजबूर होना पड़ा है। उन्होंने कहा पारस्परिक स्थानांतरण प्रकरण विगत वर्ष से प्रमुख अभियंता और विभागाध्यक्ष स्तर पर लंबित है। जिसका न्यायोचित समाधान नहीं हो पा रहा है। इससे कार्मिकों में आक्रोश व्याप्त है। उनकी मांग पर सकारात्मक कार्यवाही नहीं होने और शीघ्र समाधान के लिए संगठन के पदाधिकारियों की एक बैठक 9 जनवरी को लोनिवि के प्रमुख अभियंता और विभागाध्यक्ष के साथ हुई। उसके बावजूद कार्मिकों के हित में कोई संतोषजनक परिणाम नहीं निकला। जिसके कारण संगठन के पदाधिकारियों में आक्रोश है।
एसोसिएशन का कहना है कि विभाग में एक कर्मचारी के जाने और एक कर्मचारी के आने से कोई वित्तीय भार नहीं पड़ने वाला है। यह पारस्परिक स्थानांतरण विभाग का सक्षम अधिकारी कर सकता है, लेकिन विभागीय अधिकारियों की हठधर्मिता और शासन व विभागीय अधिकारियों के बीच टकराव के कारण पारस्परिक स्थानांतरण नहीं किया जा रहा है। इसमें एक्ट की धज्जियां उड़ाई जा रही है। एक्ट का पालन नहीं किया जा रहा है। इस एक्ट में स्पष्ट नियम है कि जो अधिकारी इस एक्ट का उल्लंघन करेगा, उस अधिकारी के लिए सजा का प्रावधान है।
संगठन ने सरकार को चेताया कि अगर उनकी मांग नहीं मानी गई तो उत्तराखंड के सभी लोनिवि कर्मी यमुना कॉलोनी स्थित विभागीय मुख्यालय में धरना देंगे। उसके बाद भी उनकी मांगें पूरी नहीं होती है तो एसोसिएशन सर्वसम्मति से आंदोलन की अग्रिम रणनीति बनाएगी। इस दौरान संगठन की तरफ से स्थानांतरण अधिनियम 2017 की धारा के अनुपालन में खंडीय मिनिस्ट्रियल कार्मिकों के पारस्परिक स्थानांतरण को लेकर शासन को ज्ञापन भी प्रेषित किया गया।

